यूपी में चारपाई पर लेटकर कोर्ट पहुंचा 70 वर्षीय आरोपी, अदालत ने चारपाई समेत भेजा जेल

गाजीपुर: जनपद न्यायालय के एसीजेएम कोर्ट में उस समय एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए गए 70 वर्षीय रामदरश यादव चारपाई पर लेटकर आत्मसमर्पण करने पहुंचे. मामला 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से जुड़ा है, जिसमें करीब एक वर्ष पूर्व एसीजेएम कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की सजा और 12 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी.
जानकारी के अनुसार, रामदरश यादव ने परिवादी अजीत राम से ईंट भट्ठा संचालन के लिए लगभग 9 लाख रुपये उधार लिए थे और बदले में चेक दिया था, जो बाउंस हो गया. इसके बाद अजीत राम ने मुकदमा दर्ज कराया. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई थी. आदेश के तहत आरोपी पहले ही 4 लाख 40 हजार रुपये अदा कर चुका है.
शेष 7 लाख 60 हजार रुपये में से 7 लाख 10 हजार रुपये परिवादी को और 50 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही 9 प्रतिशत ब्याज के साथ शेष राशि लौटाने का आदेश भी दिया गया था. सजा के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश का पालन करने को कहते हुए मामला वापस कर दिया. इसके बाद आरोपी आत्मसमर्पण के लिए एसीजेएम कोर्ट पहुंचा.
बताया गया कि वह अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए चारपाई पर लेटकर अदालत परिसर लाया गया. कोर्ट ने पूर्व आदेश के अनुसार उसे जेल भेजने का निर्देश दिया. चूंकि वह चारपाई पर था, इसलिए सामान्य कैदी वाहन में नहीं ले जाया जा सका. बाद में पुलिस लाइन से खुले वाहन की व्यवस्था कर आरोपी को चारपाई सहित जेल भेजा गया.
वहीं, परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रामाश्रय सिंह का कहना है कि आरोपी वास्तव में बीमार नहीं है, बल्कि सजा से बचने के लिए बीमारी का नाटक कर रहा है.











