राजस्थान में ‘पाण्णा’ की रस्म पर जा रहे परिवार का ऑटो पलटा, डेढ़ माह के मासूम समेत 3 की मौत; 12 घायल

डूंगरपुर: जिले के चौरासी थाना क्षेत्र अंतर्गत वेंजा मोड़ के पास गुरुवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया. पीहर से ससुराल नवजात को छोड़ने जा रहे एक परिवार का ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया. इस भीषण दुर्घटना में डेढ़ माह के मासूम शिशु और 3 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल ऑटो चालक ने उदयपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है.

परंपरा निभाने जा रहा था परिवार, रास्ते में काल ने झपटा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वागबोल निवासी बलदेव कटारा की पत्नी प्रियंका ने डेढ़ माह पूर्व पुत्र को जन्म दिया था. प्रसव के बाद प्रियंका अपने पीहर वेंजा में रह रही थी. गुरुवार को वागबोल में पाण्णा (प्रसव के बाद पहली बार बहू और बच्चे को ससुराल लाना) की रस्म होनी थी. इसी परंपरा को निभाने के लिए प्रियंका, उसका डेढ़ माह का बेटा कृष और परिवार के अन्य 14-15 सदस्य ऑटो में सवार होकर रवाना हुए थे.
वेंजा मोड़ के पास चालक का संतुलन बिगड़ गया और ऑटो सड़क किनारे खेत में जाकर पलट गया. हादसे में प्रियंका की गोद में सो रहे डेढ़ माह के कृष पुत्र बलदेव कटारा और मंजुला की गोद में बैठे 3 वर्षीय अरिहंत उर्फ आर्यन पुत्र कांति रोत की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. वहीं, गंभीर रूप से घायल ऑटो चालक बंशीलाल पुत्र नानजी कटारा को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

अस्पताल में मची चीख-पुकार, 12 लोग घायल
हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के पायलट लोकेश यादव और ईएमटी हर्षवर्धन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया. हादसे में प्रियंका (22) पत्नी बलदेव, माया (27) पत्नी नानूराम, मंजुला (30) पत्नी कांतिलाल, कांता (60) पत्नी शंकरलाल, कांति (27) पुत्र नाना, लक्ष्मी (25), सरस्वती (5), मंजुला (32), हंसा (25), अनुज (2), अरविंद (3), माधुरी (6) और अंकेश (6) घायल हुए है.
पिता देख भी न सका बेटे का चेहरा
मृतक कृष के पिता बलदेव अपने पहले बच्चे के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. घर में मेहमानों के स्वागत की तैयारी चल रही थी, लेकिन खुशियों भरे घर में अचानक मातम पसर गया. मासूम बेटे की मौत की खबर सुनते ही बलदेव सदमे में चले गए. घटना की जानकारी मिलते ही थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ और वैजा चौकी प्रभारी हजारीलाल गुर्जर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने तीनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.











