चुन-चुनकर बाहर भेजे जाएंगे घुसपैठिये… अररिया में बोले शाह- ये चुनावी वादा नहीं था, कुछ दिनों में होगी शुरुआत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी गुरुवार को बिहार के अररिया जिले के भारत नेपाल सीमा पर लेट्टी बॉर्डर पर एसएसबी कैंप का उद्घाटन किया. ये एसएसबी कैंप सीमा सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस दौरान उन्होंने घुसपैठियों पर बड़ा बयान दिया. अमित शाह ने कहा कि हम एक-एक घुसपैठिये को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर भेजने का काम करेंगे.

अमित शाह ने कहा, हमने चुनाव में बिहार की जनता से वादा किया था कि हम बिहार को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे. इसका मतलब केवल मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाना नहीं है. हम कृतसंकल्पित हैं कि एक-एक घुसपैठिये को भारत की भूमि से चुन-चुनकर बाहर भेजने का काम करेंगे.

अमित शाह ने कहा कि आमतौर पर नेताओं के वादे जनता को याद कराना पड़ता है, लेकिन आज मैं सीमांचल की जनता को अपना वादा याद दिलाना चाहता हूं, क्योंकि मुझे सीमांचल की जनता का सहयोग चाहिए. घुसपैठिये सिर्फ़ चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं, वे गरीबों के राशन में भी हिस्सेदारी ले जाते हैं. रोजगार में युवाओं की संभावनाओं को क्षीण करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ा चुनौती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि सारा देश इस विषय पर काम करे और घुसपैठियों से मुक्ति का अभियान अपने हाथ में ले. अमित शाह ने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने अवैध अतिक्रमण हैं, उन सभी अतिक्रमणों को इस अभियान के अंतर्गत ध्वस्त किया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने का कार्य भी शुरू किया जाएगा.

‘संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरनाक’

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जनसांख्यिकी का बदलाव किसी भी देश के लिए स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं करता. अतिक्रमण से, अवैध घुसपैठ से होने वाला बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल, तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है. इसलिए सरकार ने निर्णय किया है कि उच्च स्तर पर जनसांख्यिकीय परिवर्तन की उच्चान स्तरीय समिति (हाई पावर डेमोग्राफी मिशन) बनाई जाएगी और वह समिति सीमांत क्षेत्रों सहित पूरे देश की जनसंख्या संरचना के परिवर्तनों का बारीकी से अध्ययन करेंगी तथा भारत सरकार को इसे संतुलित बनाने के उपाय सुझाएंगी.

उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं. बंगाल में अभी चुनाव हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहां बीजेपी की सरकार बनने वाली है. वहां सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिये को बाहर करना होगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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