राजस्थान: अनुदान से आत्मनिर्भरता की ओर, हिराणी की गौशाला बनी मिसाल; अब पूरे क्षेत्र को दिखा रही राह

डीडवाना-कुचामन: जिले के कुचामन सिटी क्षेत्र में पशुपालन विभाग ने “अनुदान से आत्मनिर्भरता की ओर” अभियान की शुरुआत करते हुए गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल की है. इस अभियान के तहत हिराणी गांव की श्री गोपाल गौशाला आज एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों से आय के नए रास्ते खोल दिए हैं.

हिराणी स्थित श्री गोपाल सेवा समिति में पशुपालन विभाग की और से आयोजित कार्यशाला में नावां–कुचामन क्षेत्र के सभी गौशाला संचालकों,धर्म गुरुओं को आमंत्रित किया गया. कार्यक्रम में कुचामन सिटी पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर भगत सिंह चौधरी ने गौशाला संचालकों से कहा कि बदलते समय में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनना ही होगा.

उन्होंने श्री गोपाल गौ सेवा समिति का उदाहरण देते हुए बताया कि यदि सही योजना और प्रबंधन हो तो गौशालाएं न केवल स्वयं सक्षम बन सकती हैं, बल्कि अन्य संस्थाओं के लिए भी मॉडल बन सकती हैं. साथ ही उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया.

श्री गोपाल गौ सेवा समिति, हिराणी के संरक्षक श्रवण लाल कुमावत ने बताया कि अनुदान मिलने में आने वाली दिक्कतों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि आज गौशाला में प्रतिदिन लगभग 7 क्विंटल दूध उत्पादन हो रहा है, जिसका नियमित विक्रय किया जाता है. इसके अलावा एक प्लांट स्थापित कर अतिरिक्त दूध से शुद्ध मिठाइयां तैयार की जा रही हैं और इसके लिए मिष्ठान भंडार भी शुरू किया गया है.

इससे गौशाला की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और संचालन सुचारू रूप से चल रहा है. कार्यशाला में मौजूद गौशाला संचालकों ने इस पहल की सराहना की. कुचामन के गौशाला संचालक सुनील माथुर और मौलासर के हरिराम ने कहा कि हिराणी गौशाला का मॉडल प्रेरणादायक है और वे भी अपनी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाएंगे.

वहीं धर्मगुरु सुदर्शन दास महाराज ने कहा कि समय की मांग है कि गौसेवा के साथ-साथ आर्थिक सुदृढ़ता पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि गौशालाएं दीर्घकाल तक मजबूती से संचालित होती रहें. अभियान के इस आगाज के साथ अब उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्र की अन्य गौशालाएं भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ेंगी और गौसेवा को सेवा के साथ-साथ स्वरोजगार और सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाकर एक नई मिसाल कायम करेंगी.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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