सुकमा में कांग्रेस ने किया कलेक्टरोरेट घेराव, मनरेगा बचाओ संग्राम की हुंकार, हरीश कवासी बोले- मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा

सुकमा: जिले में गुरुवार को मनरेगा बचाओ संग्राम के बैनर तले कांग्रेस ने कलेक्टोरेट का घेराव किया. इस आंदोलन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने किया. सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने मनरेगा का नाम “VB- जी राम जी” किए जाने और कथित बदलावों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

सुबह से ही शहर के कई हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे-बैनर लेकर रैली के रूप में कलेक्टोरेट की ओर बढ़ने लगे. “मनरेगा बचाओ-गरीब बचाओ”, “मजदूर विरोधी नीति बंद करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी. कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात था और बैरिकेडिंग कर दी गई थी.

जैसे ही रैली कलेक्टोरेट पहुंची, पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका. कुछ देर तक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बैरिकेड के पास नारेबाजी करने लगे. हरीश कवासी ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं को शांत रहने की अपील की और कहा कि उनका संघर्ष लोकतांत्रिक है. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार अंबर गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं. ज्ञापन में मनरेगा के मूल स्वरूप को बनाए रखने और मजदूरों के हितों से समझौता न करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल थी.

मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा है- हरीश कवासी

मीडिया से बातचीत में हरीश कवासी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश के करोड़ों गरीबों की जीवनरेखा है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सबसे बड़ा साधन रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि नाम परिवर्तन और कानून में बदलाव के जरिए सरकार योजना की आत्मा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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