नागौद में ‘आसमान’ से हुई बेटी की विदाई: दुल्हन की डोली बनी हेलीकॉप्टर, अनोखा नजारा देख दंग रह गए ग्रामीण

मैहर: नागौद क्षेत्र में शुक्रवार को एक ऐसी विदाई देखने को मिली, जिसकी चर्चा समूचे विंध्य क्षेत्र में हो रही है. किसान कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह ‘मंटू’ की सुपुत्री मृगांशी सिंह की विदाई किसी पारंपरिक कार या डोली से नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टर से हुई. जिले में संभवतः यह पहला अवसर है जब किसी दुल्हन ने उड़नखटोले में सवार होकर ससुराल के लिए प्रस्थान किया हो.
इंजीनियर कुंवर आदित्य के संग सात फेरे
मृगांशी सिंह का विवाह शहडोल जिले के ग्राम धमनी गढ़ी निवासी इंजीनियर कुंवर आदित्य सिंह (पुत्र कुंवर अंजय सिंह) के साथ संपन्न हुआ. नागौद के हरि सदन शांति प्रकाश छाया ब्यौहारी हाउस में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए. वैवाहिक कार्यक्रम पूरी तरह से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ.
बचपन की जिद को पिता ने किया पूरा
दुल्हन के पिता मृगेंद्र सिंह ‘मंटू’ ने बताया कि मृगांशी की बचपन से ही यह दिली इच्छा थी कि उसकी विदाई कुछ अलग और खास अंदाज में हो. बेटी के इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए पिता ने गुरुग्राम की एक निजी कंपनी के माध्यम से विशेष रूप से हेलीकॉप्टर बुक कराया. विदाई के समय भावुक पिता ने कहा, “बेटी की खुशी से बढ़कर एक पिता के लिए कुछ नहीं होता, आज उसका सपना पूरा कर मुझे असीम संतोष मिला है.”
हेलीपैड पर उमड़ा जनसैलाब
विवाह स्थल के समीप ही प्रशासन की अनुमति से अस्थायी हेलीपैड तैयार किया गया था. जैसे ही आसमान से हेलीकॉप्टर जमीन पर उतरा, उसे देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों के लोग उमड़ पड़े. ग्रामीणों के लिए यह दृश्य किसी कौतूहल से कम नहीं था. लोगों ने इसे बेटी के प्रति पिता के अगाध स्नेह और सम्मान का अनूठा प्रतीक बताया.
खर्च नहीं, खुशी मायने रखती है
जब विदाई के इस महंगे साधन के खर्च के बारे में चर्चा हुई, तो मृगेंद्र सिंह ने बड़े ही सादगी भरे लहजे में कहा कि लाड़ली की खुशी की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती. सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुल्हन मृगांशी ने हेलीकॉप्टर में बैठकर हाथ हिलाकर अपने मायके को विदाई दी और शहडोल के लिए उड़ान भरी.










