सरकारी हेल्पलाइन ने खड़े किए हाथ तो स्कूल संचालक ने खुद संभाली कमान अपनी जेब से पैसे खर्च कर घायलों को भेजा जबलपुर

मैहर : नेशनल हाईवे-30 पर एक बार फिर मानवता का सुंदर चेहरा सामने आया है.सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल और बेसहारा पड़े गरीब परिवार के लिए मिनी लैंड स्कूल मैहर के संचालक जितेन्द्र सिंह होरा (बॉबी भैया) संकटमोचक बनकर उभरे.उन्होंने न केवल संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि अपनी सक्रियता और आर्थिक सहयोग से घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
भीड़ बनी रही तमाशबीन, बाबी भैया ने बढ़ाया हाथ
घटना कल दिनांक 28 फरवरी, शनिवार की है.नेशनल हाईवे-30 स्थित कटनी रोड पर पौड़ी धाम राम मंदिर के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई.हादसे के बाद वहां ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई. लोग केवल खड़े होकर तमाशा देख रहे थे या एम्बुलेंस आने का इंतजार कर रहे थे.
इसी दौरान वहां से गुजर रहे जितेन्द्र सिंह होरा ने भीड़ देखकर अपनी गाड़ी रोकी.उन्होंने देखा कि घायल परिवार अत्यंत गरीब है और उनकी स्थिति नाजुक है. घायलों के शरीर में चार जगहों पर फ्रैक्चर थे और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं。
प्रशासनिक हेल्पलाइन फेल, निजी प्रयासों से मिली मदद
चौंकाने वाली बात यह रही कि जब हाईवे सड़क सहायता नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो वहां से जवाब मिला कि “इस नंबर पर इनकमिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है”.सरकारी मदद न मिल पाने की स्थिति में बाबी भैया ने समय गंवाए बिना तुरंत अपने निजी स्तर पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। उन्होंने घायलों को न केवल वाहन उपलब्ध कराया, बल्कि तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर अस्पताल रवाना किया.
क्षेत्र में हो रही सराहना
निस्वार्थ भाव से की गई इस सेवा की पूरे मैहर क्षेत्र में सराहना हो रही है.ग्रामीणों का कहना है कि जहां आज के दौर में लोग सड़क हादसों से दूरी बना लेते हैं, वहीं बाबी भैया जैसे जागरूक नागरिक समाज के लिए एक प्रेरणा हैं.उनकी इस दरियादिली के लिए क्षेत्र की जनता ने उन्हें सादर साधुवाद और धन्यवाद ज्ञापित किया है.
दीन-दुखियों और गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। बाबी भैया की इस सोच ने सिद्ध कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है.”











