2025-26 में रफ्तार पकड़ेगा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, 12% तक बढ़ सकती है आय

देश का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अगले वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वृद्धि दर्ज कर सकता है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में उद्योग की राजस्व वृद्धि 9 से 12 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। घरेलू पर्यटन, शादियों का सीजन, कॉर्पोरेट ट्रैवल और मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन (MICE) गतिविधियों में तेजी से सेक्टर को सहारा मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंचे आधार प्रभाव के बावजूद सेक्टर की ग्रोथ संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। प्रीमियम होटलों की ऑक्यूपेंसी दर वित्त वर्ष 2025-26 में 72 से 74 प्रतिशत तक रह सकती है, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में यह 71 से 73 प्रतिशत के बीच रही है। औसत रूम रेट (ARR) भी बढ़कर 8,200 से 8,500 रुपये प्रति रात तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष में 8,000 से 8,200 रुपये के दायरे में था।
मांग और आपूर्ति के बीच अंतर भी उद्योग के पक्ष में बना रह सकता है। देश के 12 प्रमुख शहरों में प्रीमियम होटल कमरों की आपूर्ति वित्त वर्ष 2025 और 2026 के दौरान हर साल 5 से 6 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जबकि मांग 8 से 9 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इस अंतर से होटल कंपनियों को बेहतर प्राइसिंग पावर मिल सकती है।
सेक्टर में मांग के नए स्रोत भी उभर रहे हैं। कॉर्पोरेट ट्रैवल के अलावा शादियां, सामाजिक आयोजन, कॉन्सर्ट, खेल प्रतियोगिताएं, धार्मिक पर्यटन और टियर-2 व टियर-3 शहरों में यात्रा का बढ़ता रुझान उद्योग को मजबूती दे रहा है। इससे वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि होटल कंपनियां अब एसेट-लाइट मॉडल पर जोर दे रही हैं। मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट और फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए विस्तार करने से पूंजीगत खर्च कम होता है, रिटर्न बेहतर रहता है और नकदी प्रवाह मजबूत बना रहता है। इन कारकों के चलते आने वाले समय में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रदर्शन में निरंतर मजबूती देखने को मिल सकती है।

