UPSC-2025 की परीक्षा में गाजीपुर के युवक-युवतियों ने बढ़ाया जनपद का मान, जानिए रैंक

गाजीपुर: सिविल सर्विसेज परीक्षा 2026 का रिजल्ट आ चुका है और हर तरफ यूपीएससी टॉपर को लेकर धूम मची हुई है. गाजीपुर की बात करें तो गाजीपुर में एक तरफ जहां जखनिया तहसील में संग्रह अनुसेवक की बेटी प्रियंका कनौजिया ने यूपीएससी मैं चयनित होकर जिले का नाम बढ़ाया. तो वही नगसर गांव के रहने वाले प्रांजल राय भी 250 वी रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है, इसके साथ ही सादात ग्राम पंचायत के शुभम सिंह ने भी एक 21 वी रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरव दिलाया है इसके साथ ही उसियां गांव की रहने वाली साईमा जो इन दिनों आईआरएस की नौकरी में भी है बावजूद इसके उन्होंने इस बार आईएएस की परीक्षा को पास किया है.
गाजीपुर की धरती सिर्फ वीर सपूतों साहित्यकार और क्रांतिकारी की भूमि ही नहीं बल्कि यहां पर समय-समय पर मेधा का भी परचम लहराता हुआ दिखता है. और ऐसा ही परचम एक दिन पूर्व यूपीएससी 2025 का रिजल्ट आने पर देखने को मिला जब गाजीपुर जनपद के करीब आधा दर्जन लोगों ने इस यूपीएससी परीक्षा को क्वालीफाई कर न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि गांव और जनपद का भी नाम रोशन किया है.
क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल
इसी कड़ी ने उसिया गाँव की बेटी खान साइमा सेराज अहमद ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. वर्तमान में वह IRS (Indian Revenue Service) अधिकारी के रूप में देश की सेवा कर रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को जारी रखते हुए UPSC 2025 की कठिन परीक्षा में दोबारा सफलता हासिल की और 135 वीं रैंक प्राप्त की। यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि गाजीपुर जिले और उसिया गाँव के लिए भी बेहद गर्व की बात है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.
ग़ाज़ीपुर जनपद के नगसर गांव के रहने वाले प्रांजल राय ने इस परीक्षा में प्रथम प्रयास में ही 250 वी रैंक हासिल किया। प्रांजल ने बी.टेक. BIT रांची से किया,उसके बाद अमेजन में उच्च पद पर कुछ दिन कार्य किया। साफ्टवेयर इंजीनयर होने के बावजूद मुख्य परीक्षा में इनका विषय हिंदी रहा और प्रथम प्रयास में ही इन्होंने यह परीक्षा क्लियर कर लिया। प्रांजल राय के पिता अजित राय हिंदी के प्रवक्ता है और ख्यातिलब्ध साहित्यकार भी हैं। अजित जी ने कई पुस्तको का लेखन भी किया है.
गाजीपुर के जखनियां तहसील में कार्यरत संग्रह अनुसेवक नीरा राम की बेटी प्रियंका चौधरी ने भी इस परीक्षा में 79वां रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है यह मूल रूप से गाजीपुर के चौकिया गांव के रहने वाले हैं लेकिन पिता तहसील में कर्मचारी होने के कारण जखनिया में ही अपना आवास बनकर निवास करते हैं इनकी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा महावीर सर्वोदय इंटर कॉलेज जखनिया से हुई इसके बाद इन्होंने भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान और गणित के साथ बीएससी की पढ़ाई पूरी किया और B.Ed करने के बाद भौतिक विज्ञान से एसएससी भी किया. मौजूदा समय में बीएसटीसी से पीएचडी की तैयारी कर रही थी और इसी तैयारी के साथ ही उन्होंने यूपीएससी की भी तैयारी किया हुआ था.
दीपक कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्य भी किया
इस परीक्षा में फौजी का बेटा दीपक भी 672 वी रैंक हासिल कर अपने फौजी पिता का मान बढ़ाया है। पिता रामवृक्ष जो सेना से रिटायर होने के बाद जमानिया इलाके के बजरंग का कॉलोनी में रहते हैं और दीपक जो अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र है और उनकी प्रारंभिक शिक्षा जमानिया से हुई. इंटरमीडिएट वाराणसी से करने के बाद यह कोटा से तैयारी कर रहे थे इसके बाद वारंगल आंध्र प्रदेश से मैकेनिकल में बीटेक करने के बाद रायपुर स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्य भी किया 2 वर्ष पूर्व नौकरी छोड़ यूपीएससी की तैयारी दिल्ली में किया और पहले ही प्रयास में सफलता ने इनका कदम चूम लिया.
गाजीपुर जनपद के टांडा सादात ग्राम निवासी शुभम सिंह जी(पुत्र श्री दीनानाथ सिंह) ने UPSC परीक्षा 2026 में 21वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. हालांकि शुभम सिंह और उनके परिवार गांव पर नहीं रहते लेकिन परिवार के अन्य सदस्य गांव में निवास करते हैं और उनकी इस सफलता पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है.
गाजीपुर जनपद के यूपीएससी परीक्षा क्रैक करने पर राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उनकी सफलता पर उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से उनको और उनके परिवार के लोगों को बधाई दी.











