उत्तर प्रदेश: लखनऊ से बहराइच-गोंडा जाने वाले जान लें, जर्जर होने से घाघरा पुल पर बड़े वाहन पर रोक

बहराइच: लखनऊ से बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जाने वाले ध्यान दें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते इससे गुजरने वाले बड़े लोडेड वाहनों को बंद कर दिया गया है. अब हल्के वाहन ही इस पुल से निकालें जाएंगे.
बहराइच जिले के जरवल रोड थाने की पुलिस उस पार व रामनगर थाने की पुलिस चौकाघाट पर लगाई गई है। पुल के 62 ज्वाइंटरों में से नौ खराब हैं, जिनमें पांच तो बहुत ही खराब हैं और एक जानलेवा दिख रहा है। जहां मिट्टी भरी बोरी से बंद कराकर खतरे का बोर्ड लगाया गया है. इसे देखते बहराइच व बाराबंकी पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टि से बड़े लोडेड वाहनों को इस पर चलना बंद करा दिया है. देर शाम वाहनों को धीमी गति से गुजारा गया.
सरयू नदी का संजय सेतु 42 साल पुराना है। जिसकी मरम्मत बहुत जरूरी है। दो तीन सालों से इसे अस्थाई मरम्मत कर चलाया जा रहा है. अब इसकी सम्पूर्ण मरम्मत के लिए जब एनएचआई पूर्ण रूप से आवागमन बंद करेगा तभी कार्य शुरू होगा. इसी लिए बगल में डबल लाइन का पीपे का पुल बन रहा है. इसी बीच पुराने संजय सेतु का एक जॉइंटर इस कदर खराब हुआ कि हो सोशल मीडिया पर हल्ला मचने लगा और बहराइच व बाराबंकी की पुलिस को रविवार से बड़े भारी लोडेड वाहनों जैसे डंफर,टेलर व बड़ी ट्रकों को इस पुल से निकलने पर रोक लगाना पड़ा ताकि कोई बड़ी घटना न हो। एनएचआई ने इस खुले जॉइंटर के पास दो बोरियो में मिट्टी डालकर खुला ज्वाइंट भराया है और दोनों ओर पुल कमजोर है सुरक्षित चले का बोर्ड लगाया है। लेकिन कोई स्थाई मरम्मत नहीं कराई है। जरवल से आते समय यह 34वां जॉइंटर है जिसकी मरम्मत बहुत जरूरी हो गई है. संजय सेतु के बगल पीपे का पुल बहुत धीमी गति से बन रहा जिससे समय ज्यादा लगेगा और डेढ़ माह तक गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलराम पुर, सिद्धार्थनगर सहित नेपाल बार्डर तक आने जाने वाले बड़े लोडेड वाहनों को अयोध्या सीतापुर से आना जाना पड़ेगा जिससे मंहगाई बढ़ेगी.
बताते हैं इस पुल की कई स्प्रिंग व बेयरिंग खराब हैं इसी वजह से बार बार दिक्कत बनी है. कोतवाल जरवल रोड संतोष सिंह ने बताया कि पुल के पास पुलिस लगी है जो बड़े वाहनों को रोक रही है.
उधर रामनगर कोतवाल अनिल पांडेय ने बताया कि चौकाघाट के पास पुलिस बल लगाया गया है।इस संबंध में एनएचआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि जब अस्थाई पीपे का पुल बन जाएगा, तभी पुल की मरम्मत संभव है। 77 पीपे आ गए है। पुराने पुल पर काम ज्यादा होना है जो पूर्ण रूप से बंद होने पर ही संभव है.