विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग, ‘जी राम जी’ पर हंगामा:भूपेश ने मनरेगा को बताया बेहतर, अजय बोले- सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 12वां दिन है। सदन में धमतरी और कांकेर में अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से 2024 से 31 जनवरी 2026 तक मिली शिकायतों, खसरों की जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल किए।

मंत्री ने धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिलने और कुछ खसरों की जांच होने की जानकारी दी, साथ ही कार्रवाई प्रक्रियाधीन होने की बात कही।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्रवाई की धीमी रफ्तार और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर सवाल उठाए। बहस के दौरान तीखी नोकझोंक भी हुई और अंत में विरोध जताते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

इसके अलावा महासमुंद के सरायपाली वन परिक्षेत्र के जंगलबेड़ा गांव में नर्सरी और वृक्षारोपण का मुद्दा गरमा गया, जहां कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने मूल प्रश्न बदलने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे गंभीर बताते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वन मंत्री केदार कश्यप ने 2025 के संदर्भ में जवाब दिया, जबकि आसंदी ने अवधि तय किए जाने की बात कही।

वहीं शून्यकाल में ‘जी राम जी’ के विरोध में कांग्रेस के लाए गए स्थगन प्रस्ताव को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रस्ताव रखते हुए चर्चा की मांग की और मनरेगा को पहले बेहतर बताया, लेकिन भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे विपक्ष की राजनीति करार दिया।

पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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