रीवा में युवक की मौत पर बवाल! परिजनों ने कहा- हादसा नहीं, सोची-समझी हत्या

रीवा : जिले के डभौरा थाना अंतर्गत लोहगढ़ निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब तूल पकड़ लिया है मृतक के परिजनों ने रीवा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया.परिजनों का आरोप है कि यह सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है.उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच के लिए SIT  गठित करने की मांग की है.

मृतक प्रकाश नारायण तिवारी के भाई दीपक तिवारी ने बताया कि प्रकाश 9 मार्च की रात से लापता थे और अगले दिन उनकी लाश हरदोली-डभौरा मार्ग पर मिली थी। परिजनों के अनुसार, प्रकाश ने क्षेत्र के कुछ दबंगों को करीब 2.25 लाख रुपये उधार दिए थे.जब वे अपने पैसे वापस मांगते थे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती थी.परिजनों ने स्पष्ट रूप से दिनेश लाल यादव, नाती लाल कोल और उद्धव लाल पर हत्या का संदेह जताया है.

एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि पुलिस बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए ही इसे शराब के नशे में हुई दुर्घटना करार दे रही है.परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य संदिग्धों से पूछताछ करने के बजाय छोटे दुकानदारों को परेशान कर रही है.उन्होंने मांग की है कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए और दोषियों पर तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए.

हंगामे की स्थिति को देखते हुए एसडीओपी उदित मिश्रा ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें शांत कराया. पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है.एसडीओपी ने कहा, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच कर रही है.”

फिलहाल, परिजनों ने चेताया है कि यदि जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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