राजनांदगांव पाताल भैरवी मंदिर में जलेंगे 2100 ज्योति कलश:चैत्र नवरात्रि पर देश-विदेश से भक्त करा रहे स्थापना, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस अवसर पर संस्कारधानी के विश्व प्रसिद्ध मां पाताल भैरवी मंदिर (बर्फानी आश्रम) में 2100 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए यह मंदिर दुनिया भर में मशहूर है और इस बार भी यह आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बर्फानी दादा की प्रेरणा से निर्मित यह मंदिर अपनी अनूठी संरचना के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मंदिर तीन मंजिला है और इसका आकार एक विशाल शिवलिंग जैसा दिखाई देता है। ऊपरी तल पर शिवलिंग और नंदी विराजमान हैं, मध्य तल पर मां त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी का दरबार सजा है, जबकि पाताल तल पर मां पाताल भैरवी के दर्शन होते हैं, जो सबसे बड़ा आकर्षण हैं।
चैत्र नवरात्रि में 2100 ज्योति कलश
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में 2100 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। मंदिर समिति के सचिव गणेश शर्मा के अनुसार, सभी ज्योति कलश तेल से जलाए जाते हैं, जो विशेष आस्था का प्रतीक हैं।
मां पाताल भैरवी की महिमा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। देश के साथ मलेशिया, थाईलैंड, जर्मनी जैसे देशों में रहने वाले भक्त भी अपने परिजनों के माध्यम से यहां ज्योति कलश स्थापित करा रहे हैं।
दर्शन-पूजन की विशेष व्यवस्था
मंदिर के पुजारी गोविंद दास महाराज ने बताया कि नवरात्रि में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भक्त दिन-रात किसी भी समय मां के दर्शन कर सकते हैं, जिससे आस्था का अनुभव और भी सहज हो जाता है।
बर्फानी दादा आश्रम में आने वाले भक्तों के लिए ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही नि:शुल्क भंडारे में प्रसाद की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना कर सकें।
मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है, जिससे बस और निजी वाहनों से पहुंचना आसान है। राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है, जो मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है।