ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी, नीमच पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा, ATM कार्ड-बैंक पासबुक और लैपटॉप जब्त

नीमच: मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जहां शातिर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपना शिकार बना रहे हैं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस भी सक्रिय है और लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। इसी बीच, नीमच पुलिस बड़ी कार्रवाई करते हुये करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह पर्दाफाश किया।

जानकारी अनुसार, नीमच सिटी पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी बैंक खातों के जरिए आम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, 8 बैंक पासबुक, 2 लैपटॉप और 51500 रुपये की नकद बरामद किये है।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस की जांच, साइबर ठगी के मिले सुराग

बता दें कि एसपी राजेश व्यास के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 60 हजार रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसको 3 से 6 महीने में पैसे दोगुने करने का लालच दिया गया था। इसके बाद पीड़ित ने लालच में आकर ठगों पर विश्वास कर लिया। इसके बाद ठगों ने उससे कुल 60 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली। पुलिस ने पीड़ित की शिकायज के बाद जांच की और साइबर ठगी के सुराग मिले।

पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा

आरोपियों को दबोचने के लिये पुलिस ने रणनीति तैयार की और साइबर सेल की मदद से सिटी पुलिस ने महू रोड पर घेराबंदी की। जैसे ही चार संदिग्ध मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने चारों संदिग्धों निखिल कुमावत, जसवंत कुमावत, दीपक मेघवाल (तीनों निवासी कचोली, जीरन) और अल्केश पंवार (निवासी महू रोड, नीमच) को दबोच लिया।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

​पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे मासूम लोगों को निवेश योजनाओं का झांसा देकर फर्जी खातों में पैसे जमा कराते थे। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(B) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य जानकारियां जुटाने में लगी है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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