बम्हनीडीह चुनाव में गरमाई सियासत: आज अरुण साव की सभा, बीजेपी जारी करेगी घोषणा पत्र

जांजगीर-चांपा। नगर पंचायत बनने के बाद बम्हनीडीह में पहली बार अध्यक्ष और 15 पार्षद पदों के लिए चुनाव होने जा रहा है। 1 जून को होने वाले मतदान में करीब 4,300 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। विकास, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है।
बीजेपी की बड़ी सभा, अरुण साव जारी करेंगे घोषणा पत्र
भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार को धार देने के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव शुक्रवार को बम्हनीडीह पहुंचेंगे। वे बाजार चौक में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान भाजपा नगर पंचायत के विकास को लेकर अपना घोषणा पत्र भी जारी करेगी।बम्हनीडीह चुनाव के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशियों की जीत के बाद नगर के विकास की विस्तृत रूपरेखा जनता के सामने रखी जाएगी। भाजपा स्थानीय विकास, सड़क, पानी और मूलभूत सुविधाओं को चुनाव का मुख्य मुद्दा बना रही है।
कांग्रेस ने भी झोंकी पूरी ताकत
वहीं कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सक्ति और जांजगीर जिले के पांच विधायकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार जनसंपर्क और सभाएं आयोजित की जा रही हैं।पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने देर रात सामाजिक बैठकों के जरिए मतदाताओं से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के बावजूद देश में महंगाई, भ्रष्टाचार और आतंक का माहौल बढ़ा है।
भ्रष्टाचार और संतों के सम्मान पर सियासी वार
जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि रमन सिंह सरकार के 15 साल की तुलना में साय सरकार के ढाई साल में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।वहीं मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने हमेशा संत समाज का अपमान किया है और एक वर्ग विशेष की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि बम्हनीडीह की जनता जगतगुरु रामभद्राचार्य और धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेताओं को चुनाव में जवाब देगी।
1 जून को होगा मतदान
नगर पंचायत चुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। दोनों ही दल मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार जनसभाएं और बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। अब सभी की नजर 1 जून को होने वाले मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हुई है।











