छत्तीसगढ़ में हीटवेव से राहत के संकेत, अगले 3 दिन आंधी-बारिश की संभावना

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 30 मई से हीटवेव की स्थिति खत्म होने के संकेत दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों में उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर में आज आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मई में कई बार 45 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रायपुर में मई महीने के दौरान कई बार तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। हालांकि 26 मई 1998 को दर्ज 47 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन लगातार कई दिनों तक सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक तापमान बना रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति गंभीर हीटवेव का संकेत मानी जाती है।
मार्च की शुरुआत में रायपुर का तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच था, लेकिन अप्रैल में तेजी से बढ़ते हुए कई दिनों तक 40 डिग्री के पार पहुंच गया। मई में प्री-मानसून गर्मी और ज्यादा तीव्र हो गई, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर देखा गया।
कई जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट
प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सुकमा में सबसे ज्यादा 40 मिमी बारिश हुई, जबकि जगदलपुर, तोंगपाल और दरभा में 30-30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा टोकापाल में 20 मिमी और कोंडागांव, कोंटा, भानपुरी, लोहांडीगुड़ा और अंबिकापुर में 10-10 मिमी बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों तक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मौसम बदलने की ये है बड़ी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य पाकिस्तान से ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जो राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं मध्य भारत तक पहुंच रही हैं। गर्म और नमी वाली हवाओं के टकराव से वातावरण अस्थिर हो रहा है, जिससे गरज-चमक वाले बादल तेजी से बन रहे हैं।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बस्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। किसानों के लिए यह मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है, क्योंकि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, लेकिन तेज हवा और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।











