आंसर शीट में गलती मिलने पर कैसे करें री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन? बोर्ड ने जारी किए निर्देश

सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है जिन्होंने अपनी मूल्यांकित आंसर शीट्स (evaluated answer sheet) की स्कैन कॉपी प्राप्त कर ली है. बोर्ड ने आंसर शीट्स में संभावित गलतियों के वेरीफिकेशन और आंसरों के री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. छात्र तय समय सीमा के भीतर पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए आधार नंबर से लॉगिन करना अनिवार्य है. बोर्ड ने छात्रों को आवेदन भरते समय सभी जानकारी ध्यान से चेक करने और समय रहते फीस जमा करने की सलाह दी है.
आधार नंबर से करना होगा लॉगिन
आवेदन करने के लिए छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा. पोर्टल में लॉगिन के दौरान आधार नंबर दर्ज करना जरूरी होगा. लॉगिन के बाद छात्र अपनी जरूरत के अनुसार वेरीफिकेशन या री-इवैल्यूएशन का ऑप्शन चुन सकते हैं.
6 जून तक कर सकते हैं आवेदन
बोर्ड के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 2 जून 2026 से शुरू होकर 6 जून 2026 की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार का ऑफलाइन या ऑनलाइन रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की जाएगी. इसलिए छात्रों को अंतिम तारीख का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
कितनी देनी होगी फीस?
आंसर शीट्स की स्कैन कॉपी में पाई गई गलतियों के वेरीफिकेशन के लिए प्रति आंसर शीट्स 100 रुपये फीस निर्धारित की गई है. वहीं किसी प्रश्न के री-इवैल्यूएशन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न फीस देनी होगी. भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यमों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकेगा.
किन समस्याओं के लिए कर सकते हैं वेरीफिकेशन?
अगर स्कैन कॉपी में कोई पेज गायब हो, सप्लीमेंट्री आंसर शीट्स शामिल न हो, मैप या ग्राफ दिखाई न दे, पेज धुंधले हों या किसी अन्य आंसर शीट्स के आधार पर मूल्यांकन हुआ हो तो छात्र वेरीफिकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. एक आवेदन में कई विषयों और समस्याओं को शामिल किया जा सकता है.
री-इवैल्यूएशन के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
री-इवैल्यूएशन के लिए छात्रों को संबंधित प्रश्न नंबर और पेज नंबर जैसी जानकारी देनी होगी. सभी विषयों और प्रश्नों से जुड़े अनुरोध फाइनल सबमिशन से पहले जोड़ने होंगे. फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट विकल्प चुनने के बाद किसी भी डिटेल में बदलाव नहीं किया जा सकेगा.
आवेदन की स्थिति भी कर सकेंगे ट्रैक
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि वेरीफिकेशन और री-इवैल्यूएशन दोनों के लिए केवल एक-एक आवेदन ही स्वीकार किया जाएगा. आवेदन और भुगतान सफल होने के बाद छात्र पोर्टल के माध्यम से अपने अनुरोध की स्थिति देख और डाउनलोड कर सकेंगे. जांच पूरी होने के बाद बोर्ड रिजल्ट की जानकारी संबंधित छात्रों को उपलब्ध कराएगा.











