22 करोड़ की पेयजल परियोजना अटकी, एनओसी के इंतजार में 20 हजार परिवारों को राहत नहीं

रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र में लंबे समय से जारी पेयजल संकट के समाधान के लिए स्वीकृत 22 करोड़ रुपये की जल परियोजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार के लिए राशि मंजूर होने के बावजूद भूमि संबंधी अनुमति नहीं मिलने से पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। इसका असर क्षेत्र के 20 हजार से अधिक परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें अगले गर्मी सीजन तक भी राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
चार महीने से लंबित है एनओसी
नगरोत्थान योजना के तहत खम्हारडीह में नई पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार की स्वीकृति मार्च में मिल गई थी। इसके बाद प्रस्तावित स्थल के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा गया, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी अनुमति नहीं मिल सकी है। एनओसी के अभाव में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
हजारों परिवारों पर पड़ रहा असर
पानी टंकी का निर्माण नहीं होने से खम्हारडीह के अलावा सेल्स टैक्स कॉलोनी, अवंती विहार, शंकर नगर और आसपास के कई क्षेत्रों में पेयजल समस्या बनी हुई है। नगर निगम फिलहाल टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रहा है। कई इलाकों में भूजल स्तर गिरने के कारण लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना समय पर शुरू हो जाती तो उन्हें स्थायी राहत मिल सकती थी।
मानसून से और बढ़ सकती है देरी
मानसून की दस्तक के साथ परियोजना में देरी की आशंका और बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि जल्द अनुमति मिल भी जाती है, तब भी बारिश के दौरान पानी टंकी की नींव और अन्य निर्माण कार्य शुरू करना मुश्किल होगा। ऐसे में निर्माण कार्य मानसून के बाद ही शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि एनओसी के लिए संबंधित विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है और अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।











