नाबालिग से गैंगरेप के आरोप पर सियासत गरमाई: भाजपा के बाद कांग्रेस भी मैदान में, 12 घंटे का अल्टीमेटम

धरसीवां। राजधानी रायपुर के धरसीवां क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भाजपा द्वारा उठाए गए इस मामले को अब कांग्रेस ने भी प्रमुखता से उठाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
डेढ़ माह पहले लापता हुई थी नाबालिग
जानकारी के अनुसार धरसीवां क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग बच्ची करीब डेढ़ माह पहले लापता हो गई थी। मामले में पुलिस ने अपहरण का अपराध दर्ज किया था। हालांकि अगले ही दिन बच्ची अपने घर लौट आई थी। इसके बाद उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया था।
भाजपा नेत्री ने लगाए गंभीर आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति सरोज चंद्रवंशी ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। साथ ही सिलयारी चौकी प्रभारी पर पीड़िता और उसके परिजनों को डराने-धमकाने तथा रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए।इस दौरान जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे भी मौजूद रहे। ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कांग्रेस का प्रदर्शन, 12 घंटे का अल्टीमेटम
मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरसीवां में प्रदर्शन कर माना सीएसपी लंबोदर पटेल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, पीसीसी पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, ऊधोराम वर्मा, दुर्गेश वर्मा और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा सहित अन्य नेताओं ने सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को तत्काल निलंबित करने की भी मांग की।
पुलिस का दावा- नियमानुसार हुई कार्रवाई
इधर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और माना सीएसपी लंबोदर पटेल का कहना है कि पुलिस ने पूरे मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही तत्काल मामला दर्ज किया गया था और उसके वापस लौटने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज कराए गए थे।पुलिस का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म के जो आरोप सामने आए हैं, उनकी भी गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा के बाद कांग्रेस भी हुई आक्रामक
मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआत में भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन अब कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आई है। ऐसे में यह मामला कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के साथ-साथ राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।











