क्रिप्टो मार्केट में आई बड़ी गिरावट, क्या बड़े IPOs से फीकी पड़ी बिटकॉइन की चमक?

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन हाल ही में चार महीने के निचले स्तर तक फिसल गई. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक बड़ी वजह आने वाले संभावित मेगा आईपीओ हो सकते हैं. SpaceX, OpenAI और Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियों में निवेश करने की तैयारी कर रहे निवेशक क्रिप्टो बाजार से पैसा निकालकर नकदी जुटा रहे हैं. इसी कारण बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है.
क्रिप्टो ट्रेडिंग फर्म QCP के मुताबिक, कई निवेशक आगामी बड़े इक्विटी ऑफरिंग में हिस्सा लेने के लिए अपनी बिटकॉइन होल्डिंग्स बेच रहे हैं. बाजार में चर्चा है कि SpaceX, OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां आने वाले समय में रिकॉर्ड स्तर के पब्लिक या प्राइवेट फंड जुटाने की तैयारी कर रही हैं. इन कंपनियों का संयुक्त संभावित फंड जुटाव सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. विश्लेषकों का कहना है कि इन टेक्नोलॉजी कंपनियों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता निवेशकों को क्रिप्टो बाजार से बाहर निकलकर इक्विटी बाजार की ओर आकर्षित कर रही है. खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर इस समय निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.
एशियाई कारोबार के दौरान बिटकॉइन की कीमत 5.5 फीसदी तक गिरकर करीब 61,322 डॉलर पर पहुंच गई, जो पिछले चार महीनों का सबसे निचला स्तर था. हालांकि बाद में बाजार में खरीदारी लौटने से कीमत 64,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गई. Ericsenz Capital के मुख्य निवेश अधिकारी डेमियन लोह के अनुसार, 63,000 डॉलर के आसपास बिटकॉइन को मजबूत सपोर्ट मिला. जैसे ही कीमतों में सुधार शुरू हुआ, कई शॉर्ट पोजिशन को मजबूरी में बंद करना पड़ा, जिससे तेजी को और बल मिला. फिर भी, साप्ताहिक आधार पर बिटकॉइन करीब 13 फीसदी की गिरावट में बना हुआ है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है.
Strategy की बिक्री ने बढ़ाई चिंता
बाजार की कमजोरी को उस समय और बल मिला जब माइकल सैलर की कंपनी Strategy Inc. ने अपनी कुछ बिटकॉइन होल्डिंग्स बेचीं. हालांकि यह बिक्री कंपनी के कुल भंडार की तुलना में बेहद छोटी थी, लेकिन कंपनी लंबे समय से बिटकॉइन की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट समर्थकों में गिनी जाती रही है. Animoca Brands के मुख्य निवेश अधिकारी जोश डू का कहना है कि इस कदम ने निवेशकों के बीच यह संदेश दिया कि बड़े संस्थागत खिलाड़ी भी जरूरत पड़ने पर बिटकॉइन बेच सकते हैं. इससे बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा.
ETF से लगातार निकासी
क्रिप्टो बाजार पर दबाव का एक बड़ा संकेत बिटकॉइन ETF से हो रही निकासी भी है. रिपोर्टों के अनुसार, संस्थागत निवेशकों ने मई महीने में बिटकॉइन ETF से अरबों डॉलर निकाल लिए. वहीं अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध बिटकॉइन ETF लगातार कई कारोबारी सत्रों से आउटफ्लो का सामना कर रहे हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि निवेशक अब नई तकनीकी कंपनियों के शेयरों में अवसर तलाश रहे हैं. ऐसे में क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिम वाली संपत्तियों से धन निकलना स्वाभाविक माना जा रहा है.
SpaceX के बिटकॉइन भंडार पर भी नजर
एलन मस्क की कंपनी SpaceX के पास बड़ी मात्रा में बिटकॉइन होने की खबरें भी बाजार का ध्यान आकर्षित कर रही हैं. कंपनी को बिटकॉइन रखने वाली प्रमुख कॉर्पोरेट संस्थाओं में गिना जाता है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में SpaceX की लिस्टिंग होती है, तो उसके शेयरों और बिटकॉइन के बीच निवेशकों की गतिविधियों का सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है. एलन मस्क का क्रिप्टो बाजार पर पहले से ही काफी प्रभाव माना जाता है.
AI और स्पेस टेक्नोलॉजी बन रहे नए आकर्षण
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा माना जाता रहा है. लेकिन अब निवेशकों का ध्यान तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनियों की ओर बढ़ रहा है. OpenAI, Anthropic और SpaceX जैसी कंपनियां नए विकास की कहानी पेश कर रही हैं. यही वजह है कि कई निवेशक फिलहाल क्रिप्टो बाजार की बजाय इन क्षेत्रों में अवसर तलाश रहे हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में बिटकॉइन की दिशा काफी हद तक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और बड़े आईपीओ की प्रगति पर निर्भर करेगी. यदि टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश का उत्साह बना रहता है तो क्रिप्टो बाजार पर दबाव जारी रह सकता है. हालांकि बिटकॉइन की हालिया रिकवरी यह भी दिखाती है कि निचले स्तरों पर अभी भी मजबूत खरीदारी मौजूद है. ऐसे में आने वाले सप्ताह डिजिटल एसेट बाजार के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं.











