कवर्धा में धर्मांतरण के आरोप से बवाल, आदिवासी महिला ने लगाई गंभीर शिकायत

कवर्धा। जिले के लालमाटी गांव में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक बैगा आदिवासी महिला ने तरेगांव थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उसके बीमार बेटे को ठीक करने के नाम पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
बीमारी ठीक करने का दिया भरोसा
शिकायत के अनुसार, महिला का बेटा लंबे समय से बीमार था। इसी दौरान दो व्यक्ति उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर ईसा मसीह की आस्था अपनाने पर सभी परेशानियां दूर होने का दावा किया। महिला का आरोप है कि उसके बेटे से कहा गया कि यदि वह ईसाई धर्म स्वीकार कर लेगा तो उसकी तबीयत ठीक हो जाएगी, अन्यथा उसकी मौत हो सकती है।महिला ने बताया कि इन बातों से प्रभावित होकर उसका परिवार ईसाई समुदाय से जुड़ गया, लेकिन बेटे के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
मूल धर्म में लौटने की इच्छा पर धमकी का आरोप
महिला का कहना है कि जब उसने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और मूल धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई, तब कुछ लोगों ने उसके घर पहुंचकर दबाव बनाया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवार को डराया-धमकाया गया और जेल भेजने तक की चेतावनी दी गई।महिला ने कहा कि लगातार दबाव और धमकियों के कारण उसका परिवार मानसिक रूप से परेशान हो गया।
चंगाई सभा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि लालमाटी गांव में आयोजित चंगाई सभा के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसी बात को लेकर गांव में विरोध शुरू हुआ और मामला बढ़ते-बढ़ते पुलिस तक पहुंच गया।वहीं दूसरी ओर, ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि विरोध के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। इस कारण दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी भी प्रकार का जबरन धर्मांतरण किया जा रहा है तो उस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पुलिस बोली- सभी पहलुओं की हो रही जांच
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों के आवेदन और आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।











