हिरासत में मौत पर बवाल: परिजनों का पिटाई का आरोप, पुलिस ने किया खंडन

फौरन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई, जिसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।
उन्होंने अचानक हुई मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई।
समझाइश के बाद शांत हुए रिश्तेदार और ग्रामीण
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव दिखाया जाएगा।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पिता ने कहा- दूसरे को पैसा लेकर छोड़ा
संजय के पिता प्यारे लाल बघेल ने बताया कि 3 दिन पहले गांव में सामाजिक कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में बेटा शामिल होने गया था। उसी दौरान शंभू चौहान नाम के पुलिसकर्मी ने संजय और एक अन्य युवक को पकड़ लिया था।
पुलिस ने शव देखने नहीं दिया
वहीं, इस मामले में सरपंच नंद कुमार बरेठ ने बताया कि 3 दिन पहले कोतरारोड पुलिस ने अवैध शराब के मामले में संजय बघेल को गिरफ्तार किया था। आज सूचना मिली कि उसकी मौत हो गई है। खबर मिलते ही ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे, लेकिन काफी देर तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस बोली- कोई मारपीट नहीं हुई
जेल अधीक्षक जीएस सोरी ने बताया कि संजय बघेल को 10 जून को जेल में दाखिल किया गया था। 12 जून को उसकी तबीयत खराब होने पर जेल अस्पताल में उसका इलाज कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर दवाइयां दीं।










