ग्रेटर नोएडा में जिम से निकलते ही आया हार्टअटैक, हुई मौत, परिवार का इकलौता सहारा था 20 साल का शरद

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहा बिसरख गांव में जिम में एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद एक 20 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई. युवक जिम के बाहर निकलते ही नाले की दीवार के पास बेसुध होकर गिर पड़ा. आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस की शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान शरद कुमार के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बुलंदशहर जिले का रहने वाला था और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख गांव में किराए के मकान में रहता था. शरद रोजाना की तरह शनिवार को भी जिम में वर्कआउट करने गया था. एक्सरसाइज खत्म करने के बाद जैसे ही वह जिम की बिल्डिंग से बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा. स्थानीय लोग उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर उसे ग्रेटर नोएडा के ‘जिम्स’ (GIMS) अस्पताल में रेफर कर दिया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी शरद को बचाया नहीं जा सका.

सैलून में था मैनेजर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शरद कुमार ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल स्थित एक मशहूर हेयर सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत था. उसके दोस्त अंकित कुमार ने बताया कि शरद बेहद मेहनती और जिम्मेदार लड़का था. उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और वह अपने परिवार का इकलौता सहारा था. घर में उसकी बुजुर्ग मां और एक छोटी बहन है, जिनके भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी शरद के कंधों पर ही थी. शरद की मौत की खबर सुनते ही मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले चिंता का विषय

इस दुखद घटना पर चिंता जताते हुए राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) के निदेशक ब्रिगेडियर डॉक्टर आरके गुप्ता ने बताया कि आजकल की बदलती जीवनशैली और खान-पान के कारण युवाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. कई मामलों में जेनेटिक कारणों के साथ-साथ अनियमित दिनचर्या, भारी तनाव, कम नींद लेना और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल भी हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन रहे हैं. डॉक्टरों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे जिम में अपनी क्षमता से अधिक हैवी वर्कआउट न करें और शरीर में कोई भी तकलीफ होने पर तुरंत जांच कराएं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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