मालवीय नगर अग्निकांड: कुक की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार कुक केशव सिंह नेगी को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया. उत्तराखंडी संगठन उत्तराखंड लोक मंच ने केशव नेगी की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
लोगों का कहना है कि केशव नेगी को पुलिस बलि का बकरा बना रही है. केशव नेगी गरीब आदमी है इसलिए उसको फंसाया जा रहा है. वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रिहा नहीं करती है तो उत्तराखंड होटल एसोसिएशन की तरफ से दिल्ली में बड़ी रैली भी निकालेंगे.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि केशव नेगी को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और वे निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी राहत की मांग कर रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में समर्थक इस मामले में जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे हैं.
कुक केशव सिंह नेगी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल
दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टे होटल में आग लगने की घटना की दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
सिविल सोसाइटी ग्रुप, सोशल एक्टिविस्ट और आम लोगों ने आरोप लगाया है कि 65 साल के होटल कुक केशव सिंह नेगी को प्रभावशाली होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है.
3 जून को हुई इस घटना में कुल 23 लोगों की मौत हो गई, जिसमें अग्रवाल परिवार के आठ सदस्य और नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज़्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिक शामिल हैं. 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
पुलिस ने केशव पर पांच गंभीर आरोप लगाए
पुलिस का आरोप है कि होटल का कुक केशव आग लगने पर दरवाजा बंद करने और बिजली का स्विच बंद करने के बाद वहां से भाग गया. उस पर पांच गंभीर क्रिमिनल चार्ज लगाए गए हैं और उसे 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है. इस कदम की बहुत आलोचना हुई है.
आलोचकों का कहना है कि फायर सेफ्टी में चूक और नियमों के उल्लंघन की मुख्य जिम्मेदारी होटल मैनेजमेंट और मालिकों की है, न कि वहां काम करने वाले किसी छोटे लेवल के कर्मचारी की











