70 साल की हुई LIC: 5 करोड़ से 57 लाख करोड़ तक का ऐतिहासिक सफर

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) ने अपने गौरवशाली सफर के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1956 में मात्र 5 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ शुरू हुई यह संस्था आज 57 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का प्रबंधन कर रही है। निजी कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद एलआईसी ने जीवन बीमा क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है और आज भी करीब 60 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी पर उसका कब्जा है।
देश के विकास में निभा रही अहम भूमिका
एलआईसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक R. Doraiswamy का कहना है कि कंपनी की प्रगति देश की आर्थिक वृद्धि से सीधे जुड़ी हुई है। लोगों द्वारा एलआईसी में किया गया निवेश केवल उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं बनाता, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को भी मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारत के ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य में एलआईसी एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाती रहेगी।
प्रतिस्पर्धा के बीच भी बरकरार है दबदबा
बीमा क्षेत्र में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद एलआईसी का भरोसा अपने मजबूत नेटवर्क और ग्राहकों के विश्वास पर कायम है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ मौजूदा बाजार हिस्सेदारी बनाए रखना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत करना है।
एलआईसी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि बीमा सुरक्षा का लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। यही उद्देश्य 1 सितंबर 1956 को एलआईसी की स्थापना के समय भी रखा गया था, जब 245 बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर इस संस्था का गठन किया गया था।
विशाल नेटवर्क और वैश्विक पहचान
आज एलआईसी केवल एक बीमा कंपनी नहीं, बल्कि देश का एक बड़ा वित्तीय संस्थान बन चुकी है। कंपनी के पास लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की रियल एस्टेट संपत्तियां हैं।देशभर में एलआईसी के 2,048 से अधिक कंप्यूटरीकृत शाखा कार्यालय, 113 डिवीजनल कार्यालय और 1,381 सैटेलाइट कार्यालय कार्यरत हैं। इसके अलावा कंपनी 13 देशों में भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।सहायक संस्थाओं जैसे IDBI Bank और LIC Housing Finance के माध्यम से कंपनी बैंकिंग, हाउसिंग फाइनेंस और निवेश क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।
फिनटेक सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी
डिजिटल युग में ग्राहकों की बदलती जरूरतों को देखते हुए एलआईसी अब फिनटेक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी नए फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी और रणनीतिक निवेश के विकल्पों पर विचार कर रही है।
प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं, तेज प्रक्रियाएं और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। साथ ही निवेशकों और पॉलिसीधारकों को भी इसका लाभ मिलेगा।











