IAS अमित कटारिया विवाद पर अरुण साव की दोटूक: सांसदों से सम्मानजनक व्यवहार करें अधिकारी, जवाब भी जिम्मेदारी से दें

रायपुर, 05 अगस्त 2026
सांसद बृजमोहन अग्रवाल और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले में उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुलकर सांसद के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का विशेष महत्व होता है और प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है कि वे जनप्रतिनिधियों से सम्मानपूर्वक संवाद करें तथा उनकी बातों का उचित जवाब दें।
मीडिया से चर्चा के दौरान अरुण साव ने कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बात गंभीरता से सुननी चाहिए और उसी के अनुरूप प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है और इसका पालन हर अधिकारी को करना चाहिए।
तबादला नीति पर भी दिया जवाब
राज्य में तीन वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के तबादले संबंधी आदेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग पहले से ही इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। जहां भी किसी प्रकार की विशेष शिकायत मिलेगी, वहां सरकार आवश्यक संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
तबादलों को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर पलटवार करते हुए अरुण साव ने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार के समय “तबादला उद्योग” चलता था, उसे इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार समय-समय पर तबादले किए जाते हैं, ताकि व्यवस्था में कसावट आए और विकास कार्यों में तेजी बनी रहे।
विकास कार्यों की समीक्षा जारी
40 नगरीय निकायों को राशि जारी होने के बावजूद कार्यों में देरी के सवाल पर डिप्टी CM ने कहा कि सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। जहां काम में विलंब हो रहा है, वहां कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
भूपेश बघेल पर भी कसा तंज
पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ लगे ‘गो बैक’ नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस जहां भी जाती है, वहां आंतरिक विवाद सामने आ जाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता आपसी खींचतान में ही व्यस्त हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसद और वरिष्ठ अधिकारी के बीच विवाद पर सरकार के वरिष्ठ मंत्री का यह बयान आने के बाद मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है, जबकि आने वाले दिनों में इस विवाद पर प्रशासन और सरकार का अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।











