गुजरात में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश: 24 हजार स्ट्रिप जब्त, 42 केमिस्ट जांच के घेरे में

गुजरात में नकली खाद्य पदार्थों और शराब के बाद अब जानलेवा बीमारियों की नकली दवाओं का काला कारोबार सामने आया है। राज्य के फूड एंड ड्रग्स विभाग ने अहमदाबाद समेत विभिन्न शहरों में छापेमारी कर हृदय रोग (एंजाइना) और हाई ब्लड प्रेशर में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘निकार्डिया रिटार्ड’ (10mg) की लगभग 24,000 स्ट्रिप (7.20 लाख टैबलेट) जब्त की हैं।
अधिक मुनाफे के लालच में खेला जान से खेल
जांच में खुलासा हुआ है कि केमिस्ट और डिस्ट्रीब्यूटर्स महज 8% से 10% अतिरिक्त मुनाफा कमाने के लिए मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे थे। ‘निकार्डिया रिटार्ड’ पर आमतौर पर 10% की छूट मिलती है, लेकिन बाजार में कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स इसे 18% से 20% तक की भारी छूट पर बेच रहे थे। इसी असामान्य डिस्काउंट ने विभाग का ध्यान खींचा।
कार्रवाई का पूरा ब्योरा:
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| जब्त दवा | निकार्डिया रिटार्ड (10mg) – लगभग 7.20 लाख टैबलेट्स |
| कुल ठिकाने | राज्य भर में 42 डिस्ट्रीब्यूटर्स (अहमदाबाद के 11 शामिल) |
| कंपनी पृष्ठभूमि | मूल निर्माता: जेबी केमिकल्स (टोरेंट द्वारा टेकओवर) |
| कार्रवाई का कारण | बाजार में भारी डिस्काउंट और डुप्लीकेट बिक्री की शिकायत |
शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग
इस फर्जीवाड़े की भनक तब लगी जब कंपनी के कर्मचारी जिग्नेश ठक्कर ने खाद्य एवं औषधि नियामक आयुक्त (डिप्टी कमिश्नर) विठ्ठल डोबरिया से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे प्रमुख केंद्रों पर एक साथ छापेमारी की।
विभाग अब जब्त दवाओं के सैंपल लैब में भेजकर जांच कर रहा है कि इनमें कौन-कौन से घातक रसायन शामिल हैं। साथ ही, इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर का पता लगाने के लिए कड़ाई से पूछताछ जारी है।











