गोरखालैंड मुद्दे पर बढ़ी हलचल, अमित शाह की दार्जिलिंग में बैठक के बाद बनी खास कमेटी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर बंगाल के अपने दौर के तीसरे और अंतिम दिन शनिवार को दार्जिलिंग की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित सुकना के एक होटल में पर्वतीय नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें पहाड़ी इलाकों से जुड़े कई पुराने मुद्दों और मांगों को सुलझाने को लेकर बातचीत हुई. इस बैठक में अमित शाह के अलावा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पहाड़ी इलाकों के कई नेता शामिल हुए. अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि बैठक में संवैधानिक ढांचे के तहत दार्जिलिंग पहाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के ‘स्थायी राजनीतिक समाधान’ तलाशने के मुद्दे पर चर्चा हुई.

माना जा रहा है कि बैठक में बीजेपी के चुनावी वादे के तहत गोरखा समुदाय और पर्वतीय क्षेत्रों के अन्य निवासियों के लिए ‘स्थायी राजनीतिक समाधान’ के मुद्दे पर मुख्य रूप से चर्चा हुई है. गोरखा समुदाय और क्षेत्र के लोग कई दशकों से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग करते रहे हैं. पिछली राज्य सरकारों ने दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (डीजीएचसी) और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से इस मुद्दे के समाधान का प्रयास किया था, लेकिन इन पहलों से क्षेत्र में लंबे समय तक शांति, आर्थिक समृद्धि और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित नहीं हो सकी.

हालांकि अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि वह अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. वहीं, बैठक में मौजूद अन्य नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया.

पहाड़ी इलाकों की समस्याएं सुलझाएगी कमेटी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाके की समस्याओं को हल करने के लिए एक खास कमेटी बनाने का फैसला किया गया है. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा ने घोषणा की कि पहाड़ी इलाकों की पुरानी समस्याओं से निपटने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी. पंकज कुमार सिंह इस कमेटी के लिए मध्यस्थ के तौर पर काम करेंगे. उन्हें पहले केंद्र ने यह जिम्मेदारी सौंपी थी. इस नई कमेटी में पहाड़ी इलाकों के राजनीतिक और सामाजिक नेता भी शामिल होंगे, जो इलाके के विभिन्न मुद्दों, मांगों और उनसे जुड़े मामलों को हल करने पर काम करेंगे.

संवैधानिक नियमों के अनुसार तलाशा जाएगा समाधान

वहीं, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता रोशन गिरी ने भी कहा कि केंद्र के सामने पहाड़ी इलाकों के मुद्दे रखने के लिए एक कमेटी बनाई गई है. इस कमेटी के जरिए इलाके की पुरानी मांगों और समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि संवैधानिक नियमों के अनुसार समाधान तलाशा जाएगा. इस तरह, पहाड़ी इलाकों के राजनीतिक हलके अब बारीकी से देख रहे हैं कि इस नई कमेटी के जरिए इलाके की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कितनी प्रगति होती है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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