नेपाल में महाजलप्रलय से मची तबाही, कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए महाराष्ट्र के 4 पर्यटक फंसे, 2 की हालत गंभीर

तिब्बत की ओर से आई अचानक और बेहद तेज बाढ़ के कारण नेपाल की भोटेकोशी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया। नेपाल में चीन की सीमा से सटे रसुवा जिले और आसपास के इलाकों में जलप्रलय जैसी तबाही हुई। हादसे में देररात तक 157 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1,000 से ज्यादा लोगों का कोई अता-पता नहीं है। इस त्रासदी का असर महाराष्ट्र पर भी पड़ा है।
महाराष्ट्र के 4 पर्यटक फंसे, 2 की हालत गंभीर
नेपाल के सीमावर्ती जिले रसुवा में आए जलप्रलय के कारण महाराष्ट्र को महाराष्ट्र के पर्यटक भी वहां फंस गए हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए महाराष्ट्र के 4 पर्यटक तिब्बत के जिलांग इलाके में फंसे हुए हैं। फंसे यात्रियों में स्मिता पवार, योगिनी पाटिल, दिनेश भोसले और पूजा भोसले शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों द्वारा संपर्क स्थापित कर लिया गया है, हालांकि स्मिता पवार और योगिनी पाटिल की स्वास्थ्य स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। महाराष्ट्र सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय लगातार नेपाल व चीन के संपर्क में हैं ताकि घायलों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
महज 23 मिनट में बदला मंजर
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भयावह त्रासदी की शुरुआत सुबह 8:37 बजे हुई और महज 23 मिनट में पूरा मंजर बदल गया। तिब्बती इलाके में सुबह 8:37 बजे गोसाईकुंड से 47 किलोमीटर दूर 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसके ठीक बाद सुबह 9:00 बजे भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचाते हुए गांवों, सड़कों और हाइड्रोपावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपने साथ बहा दिया।
राहत-बचाव के लिए 15 हेलीकॉप्टर उतारे
भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। तेज बहाव में कई वाहन बह गए। प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है। राहत-बचाव के लिए 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। नेपाल से आने वाली नदियों का पानी बढ़ने की आशंका से उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।











