‘मीटिंग में जाना है’ बोलकर निकल गए नेताजी! नीमच के रावण रुंडी में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रावण रुंडी गांव से जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता का एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। गांव में आयोजित एक भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान जब परेशान ग्रामीणों ने विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के सामने हाथ जोड़कर अपनी समस्याएं रखनी चाहीं, तो नेताओं ने उनकी बात सुनने के बजाय मीटिंग का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। इस रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

कीचड़ से गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों में चारों तरफ कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे होकर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को हर रोज गुजरना पड़ता है। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और स्थानीय पार्षद राकेश किलोरिया के सामने ग्रामीणों ने गिड़गिड़ाते हुए गांव की मुख्य गली और स्कूल तक पक्की सड़क बनवाने व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई थी।

‘ऐसी जनसेवा किस काम की?’ वायरल वीडियो में नेताओं से तीखे सवाल

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ग्रामीण खुलकर अपनी भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं। आक्रोशित लोगों का कहना है कि जब चुनाव जीतने के बाद भी जनता को बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क और सफाई नहीं मिल सकती, तो ऐसे जनप्रतिनिधि आखिर किस काम के हैं? जब भी कोई आयोजन होता है तो नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने पहुंच जाते हैं, लेकिन जनता की तकलीफों से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहता।

भूमि पूजन तो हो गया, लेकिन स्कूल तक पक्की सड़क कब बनेगी?

अब रावण रुंडी गांव के निवासी प्रशासन और नेताओं से सीधा सवाल पूछ रहे हैं कि भूमि पूजन का ढोंग तो हो गया, लेकिन हमारे बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता कब सुधरेगा? ग्रामीणों ने साफ लहजे में कहा है कि अगर जल्द ही गांव की गलियों में सड़क निर्माण और सफाई का काम शुरू नहीं कराया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में नेताओं की खूब किरकिरी हो रही है।

कमलेश सारडा की रिपोर्ट

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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