मध्य प्रदेश: मैहर में पुतला दहन के दौरान हादसा: यातायात प्रभारी झुलसे, 10 पर दंगा भड़काने का मामला दर्ज

मैहर: शहर में कांग्रेस द्वारा आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को एक गंभीर हादसा हो गया. कार्यक्रम के दौरान आग भड़कने से यातायात प्रभारी विक्रम पाठक झुलस गए. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है.

चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन एहतियातन उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
बिना अनुमति हुआ कार्यक्रम, बदला गया स्थल प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पुतला दहन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही जिस स्थान के लिए अनुमति मांगी गई थी, कार्यक्रम वहां आयोजित न कर अन्य स्थान पर किया गया. इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.

आग बुझाने के प्रयास में झुलसे अधिकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुतला दहन के दौरान आग अचानक तेज हो गई. यातायात प्रभारी विक्रम पाठक ने स्थिति को नियंत्रित करने और पुतला हटाने का प्रयास किया. इसी दौरान वे आग की चपेट में आ गए. कुछ लोगों द्वारा पेट्रोल छिड़कने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है. घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभाला और घायल अधिकारी को तत्काल उपचार के लिए भेजा.

दंगा भड़काने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है. मैहर थाने में आरक्षक भारतेंदु सिंह परिहार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है. मामले में कांग्रेस के मैहर ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति, पंकज कुशवाहा, शारदा पटेल और गोलू त्रिपाठी को नामजद आरोपी बनाया गया है. इसके अतिरिक्त 10 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है.

एसपी ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश सिंह ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो प्रकरण में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद शहर में सुरक्षा प्रबंधन और आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रदर्शन किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.

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