24 साल बाद जोगी का मरवाही सदन महापौर पूजा विधानी के कैंप कार्यालय के रूप में हुआ हस्तांतरित

बिलासपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी का मरवाही सदन 24 साल बाद महापौर पूजा अशोक विधानी के कैंप कार्यालय के रूप में नगर निगम को सौंपा गया। यह भवन नगर निगम के विकास भवन के पीछे स्थित है और अब महापौर पूजा विधानी इसे जनता के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के लिए इस्तेमाल करेंगी।

महापौर पूजा विधानी ने कहा कि इस कदम से जनता के साथ प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ेगा और नगर निगम की सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सीधे महापौर तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।

इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ नागरिक, नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उन्होंने महापौर के इस कदम की सराहना की और इसे जनता के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। वरिष्ठ नेताओं ने भी भवन के हस्तांतरण और महापौर कार्यालय के उद्घाटन को ऐतिहासिक बताया।

महापौर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अब वे अपने सुझाव, शिकायतें और योजनाओं के लिए सीधे इस कैंप कार्यालय का उपयोग कर सकती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस भवन को आधुनिक सुविधाओं और कार्यालय के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल सकें। भवन में बैठक कक्ष, कार्यकक्ष और जनता के लिए सुविधाजनक स्थान शामिल हैं।

इस पहल के साथ बिलासपुर में प्रशासन और जनता के बीच संवाद की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने का प्रयास किया गया है। अब महापौर कार्यालय के रूप में यह भवन जनता के लिए एक सशक्त माध्यम बन जाएगा, जिससे स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।

इस कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों ने महापौर के नेतृत्व में स्थानीय विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में आशा व्यक्त की और इसे नगर निगम प्रशासन के लिए एक सकारात्मक और निर्णायक कदम बताया।

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