होली पर आस्था का अग्नि-पथ: आगर मालवा के लिंगोड़ा गांव में जलते अंगारों पर चलते श्रद्धालु

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के लिंगोड़ा गांव में होली के अवसर पर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें श्रद्धालु जलते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि सच्चे विश्वास के साथ अग्नि-पथ पार करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
होली के दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद यह अनुष्ठान शुरू किया जाता है। इसके लिए करीब 9 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा और 2 फीट गहरा गड्ढा तैयार किया जाता है। इसमें चंदन, पलाश और कदम की लकड़ियां डाली जाती हैं। लकड़ियों के पूरी तरह जलकर अंगारों में बदल जाने के बाद उन्हें समान रूप से फैला दिया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर तपते अंगारों पर चलते हैं।
इस अनुष्ठान में पुरुषों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी भाग लेते हैं। कई श्रद्धालु अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर भी अग्नि-पथ पार करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा लगभग 200 वर्षों से चली आ रही है और हर साल सैकड़ों लोग इसमें शामिल होते हैं।
गांव में यह भी मान्यता है कि जब भक्त अंगारों पर चलते हैं, तो मंदिर में विराजित हनुमान जी की प्रतिमा पर पसीने की बूंदें दिखाई देती हैं, जिसे लोग दिव्य संकेत मानते हैं। श्रद्धा और विश्वास का यह संगम हर वर्ष होली पर लिंगोड़ा गांव को विशेष पहचान देता है।











