अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर रोक लगाई, पीएम मोदी डील रद्द करके दिखाएं: राहुल गांधी

मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित किसान महाचौपाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहला स्पीकर नेता प्रतिपक्ष होता है. ये हर साल होता है. देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. मैंने बोलना शुरू किया तो मुझे रोका गया. मैंने नरवणे जी की किताब का जिक्र किया तो मुझे रोका गया. उन्होंने लिखा है कि चीन के टैंक भारत की बाउंड्री में आ रहे थे तो उन्होंने राजनाथ सिंह को फोन किया, जिन्होंने जवाब नहीं दिया. इसके बाद अजीत डोभाल को बताया, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद जयशंकर को फोन किया और बताया कि चीन के टैंक अंदर आ रहे हैं मुझे क्या करना है, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया. वो सवाल इसलिए पूछ रहे थे क्योंकि चीन की सेना को जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री से पूछना पड़ता है.

चीन की आर्मी अंदर आ रही है और आर्मी चीफ को जवाब नहीं मिलता है. राजनाथ सिंह ने पीएम को फोन किया. रक्षा मंत्री से पीएम कहते हैं कि आर्मी चीफ को बताओ कि जो वो उचित समझें वो करें. आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखते हैं, उस दिन मुझे देश के प्रधानमंत्री ने अकेला छोड़ दिया. आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो हमारे पीएम गायब हो गए. ये तो शुरुआत थी. संसद में ये बोलने की मैं कोशिश कर रहा था, मुझे बोलने नहीं दिया गया. जैसे मैंने बोलना शुरू किया, पीएम ने अमित शाह की ओर देखा और वो खड़े हो गए, मुझे बोलने नहीं दिया गया.

मैंने भाषण दिया, जिसमें मैं सिर्फ नरवणे जी की बात नहीं करना चाहता था. मैं दो तीन चीजें और करना चाहता था. मेरा भाषण खत्म होते ही शाम को बिना कैबिनेट से पूछे उसी दिन ट्रंप को फोन किया. ट्रंप ने ट्वीट किया है कि मोदी ने मुझे फोन किया है औऱ कहा कि यूएस-इडंिया डील को साइन करने के लिए तैयार हूं. ये डील चार महीने रुकी थी, लोकसभा से मोदी भागकर गए, अगले दिन झूठा बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी कि महिलाएं उन पर हमला करना चाहती थीं. फिर ट्रंप को फोन लगाया. शिवराज चौहान से पूछिए… क्यों पीएम ने उनकी राय ली. उन्होंने ऐसा क्यों किया… एकदम से हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया. हमारा सारा का सारा डेटा अमेरिका को दे दिया.

इसका पहला कारण ये है कि अमेरिका में एपस्टीन की 30 लाख फाइल पड़ी हैं. भारत को धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम लिया है. अमेरिका ने कहा, अगर डील नहीं करोगे तो फाइल से और नाम निकलेंगे. पीएम मोदी बताएं कि अनिल अंबानी से आपका क्या रिश्ता है. दूसरा और भी खतरनाक कारण ये है कि अडानी. जहां देखो उनका नाम है. अडानी कोई मामूली कंपनी नहीं है. ये मोदी को फाइनेंस करता है.

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