ईरान पर तनाव के बीच चीन की अमेरिका को दो टूक सलाह, मध्य पूर्व में टकराव से बचने की अपील

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने अमेरिका को ईरान के मुद्दे पर संयम बरतने की नसीहत दी है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि ईरान से जुड़े हालात पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता को प्रभावित करते हैं, इसलिए नए विवाद खड़े करने के बजाय बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन के दौरान वांग यी ने कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ अपने संबंधों में सतर्क रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए टकराव नहीं, बल्कि संवाद और मध्यस्थता का रास्ता अपनाना जरूरी है।
यूक्रेन संकट पर भी चीन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। वांग यी ने कहा कि यूक्रेन संकट की जड़ों को समझकर उसका समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूरोप को इस मुद्दे पर केवल बाहरी दर्शक की भूमिका में नहीं रहना चाहिए, बल्कि बातचीत की मेज पर सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। चीन ने यूरोप और रूस के बीच वार्ता की पहल का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि समाधान का अंतिम निर्णय बीजिंग के हाथ में नहीं है।
चीन ने स्पष्ट किया कि वह सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है। वांग यी ने कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान बातचीत और आपसी समझ से ही संभव है।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचा हुआ है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अपना विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड क्षेत्र में भेज रहा है, जबकि पहले से ही यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित अन्य युद्धपोत वहां तैनात हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में चीन का यह बयान वैश्विक कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।











