उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच चला निगम का बुलडोजर, 6 हजार वर्गफीट का अवैध निर्माण ढहाया


धर्मनगरी उज्जैन में साल 2028 में होने वाले भव्य सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां अभी से ही काफी जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में उज्जैन नगर निगम की टीम ने सिंहस्थ क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों और कब्जों के खिलाफ अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। रविवार की सुबह-सुबह निगम की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खास चौक इलाके में बने एक बहुत बड़े अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया।
यह कार्रवाई खास चौक पर स्थित प्रसिद्ध 11 मुखी हनुमान मंदिर के बिल्कुल पास की गई है। यहां बिना किसी सरकारी अनुमति के करीब 6 हजार वर्गफीट की बड़ी जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण कराया जा रहा था। इस जगह पर एक बड़ी होटल और उसके सामने दुकानें बनाने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही निगम की टीम मौके पर पहुंची, वहां हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अवैध ढांचे को तोड़ा जाने लगा।
भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ पहुंची टीम
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निगम की टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के हंगामे से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही दो बड़ी पोकलेन मशीनें और तीन जेसीबी की मदद से ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर बने इस पूरे अवैध ढांचे को कुछ ही देर में पूरी तरह ढहा दिया गया।
नगर निगम के अधिकारियों का साफ कहना है कि सिंहस्थ क्षेत्र में किसी भी तरह का गैर-कानूनी काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरसल, नगर निगम के अधीक्षक यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि इस अवैध निर्माण को लेकर पहले ही संबंधित पक्ष को कानूनी नोटिस भेजे जा चुके थे। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी न तो कोई जवाब आया और न ही निर्माण रोका गया जिसके बाद मजबूरन निगम को यह कदम उठाना पड़ा।
नियम तोड़कर बनाई जा रही थी होटल और दुकानें
मामले से जुड़ी जानकारी देते हुए निगम के इंजीनियरों ने बताया कि नगर निवेश विभाग ने सबसे पहला नोटिस 23 जनवरी 2026 को जारी किया था। इसके बाद 10 फरवरी 2026 को आखिरी चेतावनी वाला नोटिस दिया गया था। दरसल, नोटिस में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई थी कि अगर निर्माण खुद से नहीं हटाया गया तो निगम उसे खुद तोड़ेगा और इस तोड़ाफोड़ी में आने वाला पूरा खर्चा भी आरोपी पक्ष से ही वसूला जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, इस जगह पर नीचे के हिस्से में करीब 3 हजार वर्गफीट और ऊपर की मंजिल को मिलाकर कुल 6 हजार वर्गफीट में होटल का काम चल रहा था। लगातार चेतावनी के बावजूद जब काम बंद नहीं हुआ तो रविवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए पूरा ढांचा गिरा दिया गया। दरसल, प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ की जमीनों पर हुए ऐसे सभी अवैध कब्जों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।











