एक खबर और IDBI बैंक के शेयरों में आया भूचाल, निवेशक हुए कंगाल

सरकार द्वारा IDBI बैंक के विनिवेश (डिसइन्वेस्टमेंट) की प्रक्रिया रोकने की खबर के बाद सोमवार को बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. दिन के कारोबार में IDBI बैंक का शेयर करीब 15% टूट गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इस बैंक की बिक्री प्रक्रिया को फिलहाल रोकने और पहले से आए बिड्स (बोलियों) को रद्द करने पर विचार कर रही है. बताया जा रहा है कि संभावित खरीदारों की वित्तीय बोलियां सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) से कम आई हैं. सूत्रों के अनुसार अगर सरकार आगे भी बिक्री प्रक्रिया जारी रखना चाहती है, तो उसे बोली प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है.
2021 में मिली थी मंजूरी
मई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने IDBI बैंक में रणनीतिक विनिवेश और मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी. इसके बाद 2023 में सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने IDBI बैंक में अपनी-अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया था. दोनों मिलकर बैंक में 94% से ज्यादा हिस्सेदारी रखते हैं. इसमें सरकार की हिस्सेदारी 45.48% और LIC की 49.24% है.
किन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
सरकार ने संभावित खरीदारों के नाम आधिकारिक रूप से नहीं बताए, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD ने वित्तीय बोलियां जमा की थीं. वहीं Kotak Mahindra Bank ने फरवरी में साफ कर दिया था कि उसने IDBI बैंक के विनिवेश के लिए कोई वित्तीय बोली नहीं लगाई है.
कितनी मिल सकती थी सरकार को रकम
अगर IDBI बैंक में 30.48% हिस्सेदारी की बिक्री होती, तो शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से सरकार को करीब 30,215 करोड़ रुपये मिल सकते थे. सरकार लंबे समय से निजीकरण और एसेट मोनेटाइजेशन योजना के तहत IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाने की कोशिश कर रही है. बैंकिंग सेक्टर में यह रणनीतिक बिक्री एक अहम टेस्ट केस भी मानी जा रही है.
विनिवेश लक्ष्य पर पड़ सकता है असर
अगर IDBI बैंक की बिक्री पूरी तरह रद्द होती है, तो सरकार के लिए वित्त वर्ष 2027 के 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो सकता है.
शेयर में तेज गिरावट
इन खबरों के बाद IDBI Bank का शेयर NSE पर करीब 15% गिरकर 78.42 रुपये तक आ गया. यह अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 71.90 रुपये के काफी करीब पहुंच गया, जो पिछले साल मार्च में दर्ज हुआ था










