गौवंश संरक्षण को लेकर बलिया डीएम सख्त: दो टूक में कहा लापरवाही बर्दाश्त नहीं…

बलिया: यूपी के बलिया में डीएम ने गोवंश संरक्षण व जल निगम (ग्रामीण) कार्यों की समीक्षा किया इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया. कहा गौशालाओं में 50 से कम पशु नहीं होंगे और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. गौशालाओं में हरे चारे के लिए नेपियर घास की खेती पर जोर दिया. वही भुगतान के बावजूद बिजली कनेक्शन न मिलने पर एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई.
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गोवंश संरक्षण हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक तथा जल निगम (ग्रामीण) से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई. बैठक में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 30 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें लगभग 27 हजार गोवंश संरक्षित हैं. जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक गौशाला में 50 से कम पशु नहीं होने चाहिए. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पांच गौशालाओं में पशुओं की संख्या काफी कम है, जहां लगभग 70 पशुओं को रखा जाना अभी शेष है. इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि शहर में घूम रहे लगभग 100 आवारा पशुओं को पकड़कर तत्काल गौशालाओं में संरक्षित किया जाए.
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में पशुओं के लिए चारा, भूसा, ठंड से बचाव तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने हरे चारे के रूप में नेपियर घास की खेती की जानकारी ली और निर्देश दिए कि इस संबंध में सभी विकास खंडों में ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित की जाए. इसके साथ ही सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की समीक्षा की गई. नगरा क्षेत्र में तीन सीसीटीवी कैमरे खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल नए कैमरे लगवाने के निर्देश दिए.
बैठक में जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संचालित ‘हर घर नल योजना’ के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि अभिग्रहण से संबंधित कुछ कार्य शेष हैं, जबकि अधिकांश कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाएगा. रसड़ा क्षेत्र में पाइप लाइन डालने में पीडब्ल्यूडी की सड़क बाधा बनने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि जल निगम के साथ समन्वय कर बैठक करें और कार्य प्रारंभ कराएं, ताकि योजना प्रभावित न हो. विद्युत कनेक्शन को लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की. बताया गया कि जल निगम द्वारा वर्ष 2024 में भुगतान के बावजूद अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है. इस पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन विद्युत को तत्काल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
वहीं चिलकहर क्षेत्र में वर्ष 2022 में भुगतान होने के बावजूद कनेक्शन न मिलने पर एसडीओ रसड़ा को तत्काल कनेक्शन देने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने कहा कि जल निगम (ग्रामीण) द्वारा अब तक लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए साथ ही ‘नल जल मित्र’ के तहत 940 ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया. उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुशील कुमार मिश्रा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे.