Bank FD Vs Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट बन रही है लॉन्ग टर्म निवेश का बेस्ट विकल्प, जानिए क्यों छोड़ रहे हैं लोग बैंक FD

Bank FD Vs Post Office Scheme:निवेश के सुरक्षित और गारंटीड विकल्पों की बात करें तो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट दोनों ही लंबे समय से भरोसेमंद माने जाते हैं।

लेकिन मौजूदा आर्थिक हालात में ब्याज दरों में आए बदलाव ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किस विकल्प को चुनें। एक ओर बैंक एफडी की ब्याज दरें लगातार गिर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पोस्ट ऑफिस स्कीम्स अपनी स्थिर और सरकारी गारंटी वाली दरों के साथ निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं।

Bank FD Vs Post Office Scheme:जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में सरकार ने पोस्ट ऑफिस स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जो इसे निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना रहा है।

खास बात यह है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद अधिकांश बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों में गिरावट कर दी है। जहां देश के नामी सरकारी बैंक जैसे एसबीआई, पीएनबी और यूनियन बैंक अब 3 साल की एफडी पर महज 6.25% से 6.75% का ब्याज दे रहे हैं, वहीं प्राइवेट बैंकों की स्थिति भी ज्यादा बेहतर नहीं है। HDFC, ICICI और कोटक महिंद्रा जैसे बैंक सिर्फ 6.9% तक का ब्याज ऑफर कर पा रहे हैं।

Bank FD Vs Post Office Scheme:हालांकि कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे RBL, DCB और यस बैंक 7.5% तक की ब्याज दर दे रहे हैं, लेकिन इन बैंकों की क्रेडिबिलिटी को लेकर जोखिम भी जुड़ा होता है। ऐसे में रिटर्न की चाहत में रिस्क उठाना हर निवेशक के लिए उपयुक्त नहीं होता।

वहीं दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम की बात करें तो यह बैंक एफडी के मुकाबले कहीं अधिक स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करती है।

इस स्कीम में 1 से 5 साल तक के विकल्प मिलते हैं, जिसमें ब्याज दरें इस प्रकार हैं: 1 से 2 साल पर 6.9%, 3 साल पर 7.1% और 5 साल की जमा पर 7.5% का ब्याज मिल रहा है। खास बात यह है कि ये दरें जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के लिए यथावत रखी गई हैं, जिससे निवेशकों को ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं करनी पड़ती।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और चाहते हैं कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित हाथों में हो। सरकारी गारंटी इस स्कीम को और भी भरोसेमंद बनाती है। इसके साथ ही टैक्स सेविंग का भी विकल्प उपलब्ध है, जो इसे सैलरी क्लास के लिए और भी उपयोगी बनाता है।

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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