ऑडियो डिवाइस खरीदने से पहले जानें अंतर, हेडफोन, ईयरफोन और ईयरबड्स में क्या है फर्क

आज के समय में म्यूजिक, गेमिंग और ऑनलाइन कॉलिंग के लिए हेडफोन, ईयरफोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। तीनों डिवाइस का काम भले ही ऑडियो सुनाना हो, लेकिन डिजाइन, साउंड क्वालिटी, सुविधा और कीमत के मामले में इनका अनुभव अलग होता है। इसलिए खरीदारी से पहले इनके बीच का अंतर समझना जरूरी है।

डिजाइन की बात करें तो हेडफोन आकार में बड़े होते हैं और सिर के ऊपर पहने जाते हैं। इनके बड़े ईयर कप कानों को पूरी तरह ढक लेते हैं, जिससे बाहरी शोर काफी हद तक कम हो जाता है। ईयरफोन आमतौर पर तार वाले होते हैं और सीधे कान के अंदर फिट किए जाते हैं। लंबे समय तक उपयोग में कुछ लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। वहीं ईयरबड्स छोटे और ज्यादातर वायरलेस होते हैं, जो हल्के डिजाइन के कारण यात्रा और जिम के दौरान ज्यादा सुविधाजनक माने जाते हैं।

साउंड क्वालिटी के लिहाज से हेडफोन में बड़े ड्राइवर होने के कारण गहरा और स्पष्ट ऑडियो मिलता है। बेस मजबूत होता है और कई प्रीमियम मॉडल में एक्टिव नॉइज कैंसलेशन की सुविधा भी मिलती है। ईयरफोन की ध्वनि गुणवत्ता सामान्य उपयोग के लिए ठीक रहती है, लेकिन बाहरी शोर को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होता है। ईयरबड्स में अब उन्नत नॉइज कंट्रोल और बेहतर ड्राइवर आने लगे हैं, फिर भी ओवर-ईयर हेडफोन जैसा अनुभव हर मॉडल में नहीं मिलता।

बैटरी और कनेक्टिविटी के मामले में वायरलेस हेडफोन 20 से 40 घंटे तक चल सकते हैं। ईयरफोन पारंपरिक तौर पर वायर्ड होते थे, हालांकि अब ब्लूटूथ विकल्प भी उपलब्ध हैं। ईयरबड्स पूरी तरह वायरलेस होते हैं और चार्जिंग केस के साथ आते हैं, जिससे एक बार चार्ज करने पर कुछ घंटों का बैकअप मिलता है और केस से दोबारा चार्ज किया जा सकता है।

कीमत के आधार पर हेडफोन आमतौर पर महंगे होते हैं और म्यूजिक प्रेमियों, गेमर्स या प्रोफेशनल उपयोग के लिए बेहतर माने जाते हैं। ईयरफोन बजट विकल्प हैं और सामान्य कॉल या हल्के म्यूजिक के लिए उपयुक्त हैं। ईयरबड्स मध्यम से प्रीमियम रेंज में आते हैं और ऑफिस, ट्रैवल व फिटनेस के लिए सुविधाजनक माने जाते हैं। सही विकल्प चुनने के लिए अपनी जरूरत, बजट और उपयोग के तरीके को ध्यान में रखना जरूरी है।

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