Home loan लेने से पहले सावधान! ब्याज दर के अलावा ये 9 चार्जेज जेब करते हैं खाली, जानिए कौन सी फीस माफ हो सकती है

भारत में बड़ी संख्या में लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन अगर आप बिना पूर्व तैयारी के होम लोन लेते हैं, तो आपको कई बार पछताना भी पड़ जाता है। होम लोन लेने से पहले विभिन्न बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही ब्याज दरों और दूसरे चार्जेज की तुलना कर लेनी चाहिए। जहां सबसे सस्ता लोन मिल रहा हो, वहां से लेना चाहिए। होम लोन देते समय बैंक और एनबीएफसी ग्राहकों से कई तरह के दूसरे चार्जेज भी वसूलते हैं। आइए जानते हैं कि ये चार्जेज कौन कौन से हैं।

Home loan ।भारत में बड़ी संख्या में लोग अपना घर खरीदने का सपना होम लोन के जरिए पूरा करते हैं। लेकिन बिना किसी पूर्व तैयारी के होम लोन लेने पर कई बार ग्राहकों को पछताना पड़ता है।

Home loan लेते समय सिर्फ ब्याज दरों की तुलना करना ही काफी नहीं है, बल्कि बैंकों और NBFCs द्वारा वसूल किए जाने वाले अन्य चार्जेज पर भी ध्यान देना जरूरी है।

अगर आप होम लोन लेने जा रहे हैं, तो ब्याज दर के अलावा आपको ये 9 तरह के अतिरिक्त शुल्क चुकाने पड़ सकते हैं। होम लोन के लिए अप्लाई करते समय ग्राहक को सबसे पहले आवेदन शुल्क (Application Fee) देना होता है, जो नॉन-रिफंडेबल होता है, चाहे लोन अप्रूव हो या नहीं।

इसके बाद लोन एप्लीकेशन को प्रोसेस करने के लिए प्रोसेसिंग फीस ली जाती है, जिसे कुछ मामलों में ग्राहक कम या माफ करवा सकते हैं।

प्रॉपर्टी की हालत और मार्केट वैल्यू की जांच के लिए बैंक टेक्निकल असेसमेंट फीस वसूलते हैं, जो कई बार प्रोसेसिंग फीस में शामिल होती है या अलग से ली जाती है।

इसी तरह, प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति जांचने के लिए लीगल फीस लगती है, लेकिन अगर प्रॉपर्टी बैंक से पहले से अप्रूव हो तो यह फीस माफ हो सकती है। मॉर्गेज डीड फीस एक कानूनी दस्तावेज़ के लिए ली जाती है, जिसमें ग्राहक प्रॉपर्टी को बैंक के पास गिरवी रखने की सहमति देता है, यह फीस लोन अमाउंट के प्रतिशत में होती है और ऑफर के तहत माफ भी हो सकती है।Home loan

लोन अप्रूव होने के बाद तय समय तक लोन नहीं लेने पर बैंक कमिटमेंट फीस वसूलते हैं, जिसे Undisbursed Loan Fee भी कहा जाता है। कर्जदार की सुरक्षा के लिए बैंक प्रॉपर्टी डैमेज या ग्राहक के जीवन पर इंश्योरेंस प्रीमियम लेने को कह सकते हैं, ताकि अनहोनी की स्थिति में परिवार पर कर्ज का बोझ न आए।

अगर आप लोन की अवधि खत्म होने से पहले लोन चुकाते हैं, तो प्रीपेमेंट पेनल्टी लगती है; अच्छी खबर यह है कि RBI के नियमों के अनुसार फ्लोटिंग रेट लोन पर यह पेनल्टी नहीं लगाई जाती, लेकिन फिक्स्ड रेट वाले लोन पर यह प्रीपेमेंट अमाउंट का लगभग 2% तक हो सकती है।

अंत में, लोन डिसबर्समेंट और घर की पजेशन मिलने के बीच का ब्याज प्री-ईएमआई चार्ज कहलाता है, जिसमें पजेशन मिलने तक ग्राहक सिर्फ ब्याज का भुगतान करता है।

इसलिए होम लोन लेने से पहले इन सभी चार्जेज की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए, ताकि आपको सबसे सस्ता और पारदर्शी लोन मिल सके।

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