दुर्ग में जनपद CEO निलंबित, भाजपा नेता से विवाद के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन

दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल के तहत एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। दुर्ग जिले में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान भाजपा नेता से विवाद और अभद्र व्यवहार के आरोप में जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सुशासन तिहार के शिविर में हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, थनौद गांव में आयोजित जनसमस्या समाधान शिविर के दौरान सामुदायिक भवन निर्माण की राशि जारी करने के मुद्दे को लेकर भाजपा के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निर्माण कार्य पर स्टे लगाया गया था, फिर वर्तमान कार्यकाल में राशि कैसे जारी कर दी गई।इस पर जनपद CEO रूपेश पांडे ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित मामले में स्टे हट चुका था, जिसके बाद नियमानुसार राशि जारी की गई।
भाजपा नेता और CEO के बीच तीखी नोकझोंक
मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान CEO रूपेश पांडे ने भाजपा नेता को उंगली दिखाते हुए कहा, “तेरे को जो करना है कर ले।”विशेष बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ प्रशासन
घटना के बाद प्रशासन ने जनपद CEO रूपेश पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया।
संभाग आयुक्त ने किया निलंबित
जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद दुर्ग संभाग आयुक्त ने कड़ी कार्रवाई करते हुए रूपेश पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही महेंद्र कुमार जांगड़े को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।











