सीधी में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: 1 लाख की रिश्वत लेते भू-अर्जन कर्मचारी गिरफ्तार

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन शाखा के कर्मचारी भूपेंद्र पांडेय को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गुरुवार के दिन गिरफ्तार किया है. यह दूसरी बार है जब आरोपी को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप में पकड़ा है, जिससे विभागीय तंत्र में हड़कंप मच गया है.
शिकायतकर्ता शिवबहोर तिवारी, जो ग्राम सदना के निवासी हैं, ने लोकायुक्त को शिकायत दी थी. उनकी नौ डिसमिल जमीन हाईवे परियोजना में प्रभावित हुई थी, जिसके लिए उन्हें 27 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था. आरोप है कि इस मुआवजा राशि को जारी कराने के लिए कर्मचारी भूपेंद्र पांडेय ने उनसे 13 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी.
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पहले भी मजबूरी में 1 लाख रुपये की राशि दी थी. तय योजना के तहत, गुरुवार को वह दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचे थे, जबकि शेष राशि पांच दिन बाद देने की बात हुई थी. इसी दौरान उन्होंने लोकायुक्त एसपी से शिकायत की, जिसके बाद सत्यापन कर ट्रैप की रणनीति बनाई गई.
लोकायुक्त टीम को मिली सूचना का विधिवत सत्यापन किया गया. आरोप सही पाए जाने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया. जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे तत्काल रंगे हाथों पकड़ लिया. कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई.
लोकायुक्त थाना प्रभारी एस. आर. मरावी ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में तथ्य सही पाए जाने पर गुरुवार को आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आरोपी भूपेंद्र पांडेय के विरुद्ध पूर्व में भी लोकायुक्त पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है.









