Pension Rules- एमपी में पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी मिलेगी परिवार पेंशन

 

 

Pension Rules/मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के हित में अहम फैसला लेते हुए करीब 50 साल पुराने पेंशन नियमों में संशोधन कर दिया है। अब वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके तहत कर्मचारी के निधन के बाद पत्नी, पति और अन्य आश्रितों को पेंशन दी जाएगी।

नए नियमों के अनुसार विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा और अविवाहित बेटियां अब आजीवन परिवार पेंशन की पात्र होंगी। पहले लागू अधिकतम 25 वर्ष की आयु सीमा को भी समाप्त कर दिया गया है। आश्रितों के लिए आय सीमा न्यूनतम पेंशन और महंगाई राहत को जोड़कर तय की जाएगी। बड़ी संतान, चाहे बेटा हो या बेटी, परिवार पेंशन की पात्र होगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 1976 के पेंशन नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह नया प्रावधान एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। इससे प्रदेश के लगभग सात लाख नियमित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि एक जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी, जो अंशदायी पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह 14 प्रतिशत योगदान देते हैं, अब परिवार पेंशन के दायरे में आएंगे। सरकार भी उतनी ही राशि का अंशदान करेगी। कर्मचारी के निधन के बाद पति या पत्नी और फिर आश्रितों को पेंशन दी जाएगी। मानसिक रूप से दिव्यांग आश्रितों को आजीवन परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पेंशन रोकने से जुड़े मामलों का निर्णय अब संबंधित विभाग करेगा, जबकि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामलों को कैबिनेट में रखा जाएगा। केंद्रीय सेवा से प्रदेश में आए कर्मचारियों की सेवा अवधि को भी पेंशन गणना में शामिल किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए 7,133 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके तहत आहार अनुदान, छात्रावास, सांदीपनि विद्यालय, आवास सहायता और छात्रवृत्ति योजनाओं को जारी रखा जाएगा।

इसके अलावा, जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत हजारों घरों और सरकारी संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए बजट मंजूर किया गया है। साथ ही उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग के कर्मचारियों को भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए आयु सीमा में एक बार पांच वर्ष की छूट देने का भी निर्णय लिया गया है।

पेंशनर्स संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लंबे समय से चली आ रही मांग का सकारात्मक परिणाम बताया है।

 

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