इटावा कोर्ट का बड़ा फैसला: 19 साल पुराने केस में तीन दोषी करार

इटावा : इटावा में करीब 19 वर्ष पुराने गैंगेस्टर एक्ट के एक मामले में न्याय की गाड़ी आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंच गई. विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) मधु गुप्ता की अदालत ने वर्ष 2006 में दर्ज मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई है.इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है.

यह मामला वर्ष 2006 में कोतवाली इटावा पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था.पुलिस ने उस समय सुरेंद्र कुमार वर्मा, आशु उर्फ गौरव (निवासी पक्का बाग), नीरज शर्मा उर्फ जोशी (निवासी पुरोहितन टोला) और सौरभ शुक्ला (निवासी छिपैटी) के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी.विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था.

मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सुरेंद्र कुमार वर्मा का निधन हो गया, जिसके चलते उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी गई. शेष तीन आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई जारी रही.सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत में साक्ष्य और गवाह

अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन मूल्यांकन करने के बाद आशु उर्फ गौरव, नीरज शर्मा उर्फ जोशी और सौरभ शुक्ला को दोषी पाया.लंबे समय से लंबित इस मामले में आए फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की अहम उपलब्धि माना जा रहा है.

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