तमिलनाडु चुनाव से पहले अभिनेता विजय के बड़े वादे, महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये और साल में 6 मुफ्त गैस सिलेंडर का ऐलान

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले अभिनेता विजय ने अपनी पार्टी तमिलागा वेत्री कझगम के कार्यक्रम में महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है। चेन्नई में आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर राज्य की महिलाओं के लिए कई आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं लागू करेगी।

विजय ने घोषणा की कि 60 वर्ष से कम उम्र की परिवार की महिला मुखियाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि इस योजना का लाभ राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के परिवारों को नहीं मिलेगा। इसके अलावा हर परिवार को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने का भी वादा किया गया है।

उन्होंने “अन्नान सीर” नाम से एक विवाह सहायता योजना की भी घोषणा की। इसके तहत सरकार महिलाओं की शादी के लिए आठ ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी उपलब्ध कराएगी। वहीं राज्य में जन्म लेने वाली हर नवजात बच्ची को सोने की अंगूठी और जरूरी सामान से भरी वेलकम किट देने के लिए “थाई मां” योजना शुरू करने की बात कही गई।

विजय ने शिक्षा से जुड़ी योजना का भी ऐलान किया। “कामराजार एजुकेशन एश्योरेंस स्कीम” के तहत कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को रोकने के लिए हर साल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सभी सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी कई कदम उठाने की बात कही गई है। विजय ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का वादा किया।

अपराध रोकने के लिए बॉडी कैमरों से लैस 500 विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जिन्हें “रानी वेलु नाचियार” टीम का नाम दिया जाएगा। इसके अलावा शेयर ऑटो समेत सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे और उन्हें कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। अंधेरे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग की व्यवस्था भी बढ़ाई जाएगी।

महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए “अंजलि अम्मल” नाम से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने की भी घोषणा की गई है। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग शुरू करने के लिए “सिंगा पेंगल डेवलपमेंट स्कीम” के तहत पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने का वादा किया गया है।

विजय ने कहा कि राज्य में बढ़ते कर्ज के बावजूद इन योजनाओं को लागू किया जा सकता है। उनका कहना था कि असली समस्या पैसों की कमी नहीं बल्कि भ्रष्टाचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल को खत्म कर दिया जाए तो इन योजनाओं को आसानी से लागू किया जा सकता है।

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