Diwali पर हवाई यात्रियों को बड़ी राहत! DGCA ने एयरलाइनों को अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने को कहा, हवाई किराए में कटौती की उम्मीद
दिवाली पर यात्रा करने वाले लोगों को सस्ती उड़ानों की सौगात मिल सकती है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे त्योहारों के मौसम में हवाई किराए में बढ़ोतरी रोकने के लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ें. रविवार शाम जारी एक बयान में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, त्योहारों के दौरान हवाई किराए पर नजर रखना और कीमतें बढ़ने पर उचित कदम उठाना DGCA की जिम्मेदारी है.

Diwali और क्रिसमस जैसे त्योहारों के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों को इस बार सस्ती उड़ानों की सौगात मिल सकती है। हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी को रोकने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों को प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने का निर्देश दिया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार शाम जारी एक बयान में कहा कि त्योहारों के दौरान हवाई किराए पर नजर रखना और कीमतें बढ़ने पर उचित कदम उठाना DGCA की जिम्मेदारी है।
DGCA ने एयरलाइनों के साथ चर्चा की, जिसके बाद कंपनियों ने त्योहारों के समय बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का वादा किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, IndiGo 42 सेक्टरों में लगभग 730 अतिरिक्त उड़ानें, Air India और Air India Express 20 सेक्टरों में करीब 486 उड़ानें और SpiceJet 38 सेक्टरों में लगभग 546 अतिरिक्त उड़ानें संचालित कर सकते हैं।
DGCA ने सक्रिय पहल करते हुए एयरलाइनों से कहा है कि वे अतिरिक्त उड़ानें शुरू करें, ताकि यात्रियों को महंगे टिकट न खरीदने पड़ें। अक्टूबर से दिसंबर तक का समय त्योहारों के कारण यात्रा के लिए सबसे व्यस्त रहता है, जिस दौरान लोकप्रिय रूट्स पर टिकटों के दाम अक्सर बढ़ जाते हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि DGCA हवाई किराए और उड़ान क्षमता पर सख्त निगरानी रखेगा, ताकि यात्रियों के हितों की पूरी सुरक्षा हो सके। एविएशन एनालिटिक्स फर्म Cirium के अनुसार, इस अक्टूबर महीने में भारतीय एयरलाइंस साप्ताहिक 22,945 घरेलू उड़ानें संचालित करेंगी, जो पिछले साल की तुलना में 2.1% कम है।
इसी बीच, भारत ने अक्टूबर के अंत से चीन के साथ सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक और अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तिआनजिन (चीन) में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात भी की थी।
यह कदम भारत की ओर से चीन के साथ नियमित संपर्क बहाल करने का दूसरा बड़ा प्रयास है, इससे पहले भारत सरकार ने चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा की सुविधा दोबारा शुरू की थी।











