तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को किसी भी प्रकार की शक्तियां और कार्य करने से रोक दिया था. कोर्ट ने यह पाया कि बोर्ड के दो सदस्यों के गैर-मुस्लिम होने की अनिवार्यता पूरी नहीं हुई थी. हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को किसी भी प्रकार की शक्तियां और कार्य करने से रोका गया था. कोर्ट ने यह पाया कि बोर्ड के दो सदस्यों के गैर-मुस्लिम होने की अनिवार्यता पूरी नहीं हुई थी.
सीनियर एडवोकेट पी विल्सन ने कहा कि 8 सदस्य नियुक्त किए गए हैं. केवल तीन शेष हैं. हाई कोर्ट का कहना है कि इससे बोर्ड काम नहीं कर सकता. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बेशक हाई कोर्ट गलत है. मद्रास हाईकोर्ट का बोर्ड को निष्क्रिय घोषित करने वाला आदेश स्थगित किया जाता है. अनिवार्यता का सिद्धांत लागू होना चाहिए. अगली सुनवाई में हमें बताएं कि ये तीन सदस्य कौन हो सकते हैं.
कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ TN वक्फ बोर्ड की स्पेशल लीव पिटीशन पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से कहा कि वह बोर्ड बनाने का प्रपोज़ल उसके सामने रखे.
बेंच ने ऑर्डर में कहा, नोटिस जारी किया जाता है. जिस ऑर्डर से बोर्ड को खत्म किया गया था, उस पर रोक लगाई जाती है. राज्य सरकार बोर्ड बनाने का प्रपोज़ल रखे. बोर्ड की तरफ से सीनियर एडवोकेट पी विल्सन ने कहा कि ग्यारह में से आठ मेंबर अपॉइंट हो गए हैं और सिर्फ़ तीन अपॉइंट होने बाकी हैं. लेकिन यह बोर्ड के काम को रोकने का आधार नहीं हो सकता. विल्सन ने आगे कहा कि चूंकि बार काउंसिल के चुनाव चल रहे हैं, इसलिए उनके नॉमिनी को अपॉइंट नहीं किया जा सकता.











