बिहार: सुपौल में शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, सरकारी प्रधानाध्यापक राकेश को किया गया निलंबित

सुपौल: सुपौल में अब शिक्षा विभाग भी सरकारी शिक्षकों के खिलाफ कड़े रूख अपनाने लगे हैं. बार-बार स्कूल से शिक्षक गायब तो बच्चे की कम उपस्थिति की शिकायत मिलती ही रहती है. इतना ही ई-शिक्षा काेष पर शिक्षकों का हाजिरी नहीं बन पाता है. जिसको लेकर बार-बार स्पष्टीकरण भी पूछा जाता है. लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हाे पाता है.
आपको बता दें इतना ही कार्य में लापरवाही, उच्चाधिकारी के आदेश की भी सरकारी शिक्षकों के लिए कोई मायने नहीं रहता है. बार-बार आदेश व पत्र जारी होने के बावजूद अपने आदत से बाज नहीं आ रहे हैं, इसी कड़ी में कर्तव्य में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करना एक पूर्व प्रधानाध्यापक को महंगा पड़ा है. जांचोपरांत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने सदर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, लौकहा के पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार भारती को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा के आदेश के आलोक में की गई है.
निलंबित पूर्व प्रधान पर आरोप है कि उक्त विद्यालय में बीपीएससी से चयनित प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की गई. नवनियुक्त प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में योगदान भी दे दिया. इसके बावजूद राकेश कुमार भारती ने लंबे समय तक विद्यालय का प्रभार हस्तांतरित नहीं किया गया.
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सरायगढ़ निर्धारित किया गया
इस संबंध में विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था, लेकिन निर्धारित अवधि तक उन्होंने न तो प्रभार सौंपा और न ही स्पष्टीकरण का जवाब देना ही मुनासिब समझा. विभाग ने पूर्व प्रधानाध्यापक के इस कृत को मनमानी, उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना तथा कर्तव्य के प्रति लापरवाही करार करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सरायगढ़ निर्धारित किया गया है. इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. आरोप पत्र अलग से निर्गत किये जाने की भी बात कही गई है.











