बादी गैंग मेंबर उमेश सिंह की मौत का मामला: मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

बलरामपुर : धनंजय ज्वेलरी चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी उमेश सिंह की मौत को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोपों के बीच अब मेडिकल रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. जिला अस्पताल से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मृतक उमेश सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारियों से पीड़ित था और पिछले तीन वर्षों में वह कुल 34 बार अस्पताल में भर्ती हुआ था.
मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
डॉक्टरी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार उमेश सिंह सिकल सेल एनीमिया सहित कई अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित था. वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक उसके इलाज के लिए कई बार जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती किए जाने के अभिलेख उपलब्ध हैं.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उमेश सिंह का स्वास्थ्य लंबे समय से कमजोर था, और गिरफ्तारी के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर पुलिस द्वारा तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई.
इलाज के दौरान मौत, अस्पताल ने कहा — “पहले से बीमार था”.
जिला अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उमेश सिंह को भर्ती के समय ही उसकी हालत नाजुक थी.चिकित्सकों के अनुसार, मरीज लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित था, जिससे उसकी मृत्यु हुई.अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल इतिहास दोनों यह दर्शाते हैं कि मौत स्वाभाविक कारणों से हुई है.
घटना के बाद मचा हड़कंप, परिजनों के आरोप बेबुनियाद साबित
घटना की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था.परिजनों ने प्रारंभ में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ये आरोप बेबुनियाद साबित हुए.
.पुलिस ने बरती सतर्कता, चार अधिकारी-कर्मचारी को किया लाइन हाजिर.
स्थिति को देखते हुए बलरामपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक निरीक्षक, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को एहतियातन लाइन हाजिर कर दिया है.पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

मामले के बाद पुलिस विभाग में बढ़ाई सतर्कता
धनंजय ज्वेलरी चोरी प्रकरण पहले से ही चर्चा में रहा है. इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें उमेश सिंह भी शामिल था.चोरी गए जेवरात और नगदी की बड़ी मात्रा पुलिस ने बरामद की थी.
उमेश सिंह की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसे किसी भी संवेदनशील मामले में चिकित्सा जांच व देखरेख के लिए विशेष टीम की तैनाती की जाएगी.
फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य.
घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जिला मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी.अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और जनजीवन सामान्य हो गया है.पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक जांच के नतीजे का इंतजार करें.











